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Himachal Flood : इस रात की सुबह नहीं... बेटे के साथ मायके आई महिला और उसकी ताई की दबकर मौत
Wed, 17 Sep 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी)।
संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी)।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 17 Sep 2025 05:00 AM IST
सार
निहरी तहसील के हाड़ाबोई में सोमवार रात करीब ढाई बजे भूस्खलन की चपेट में आए मकान के ढहने से मां-बेटे सहित परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर...
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बरागता में घटनास्थल पर जांच पड़ताल करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
उपमंडल के जंगमबाग के बाद अब निहरी तहसील के हाड़ाबोई में आपदा ने कहर बरपाया है। सोमवार रात करीब ढाई बजे भूस्खलन की चपेट में आए मकान के ढहने से मां-बेटे सहित परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। आपदा कभी न भरने वाले जख्म दे गई। हाड़ाबोई के बरागता में महज आठ माह के दुधमुंहे बच्चे भीष्म ने अपनी मां और बड़ी नानी के साथ सदा के लिए अपनी आंखें बंद कर लीं। नाना खूब राम और नानी दर्शना देवी घायल हुए हैं।
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आपदा में बुजुर्ग खूब राम ने अपनी भाभी तांगू देवी, बेटी कमला के साथ अपना दोहता भीष्म खोया है। कमला अपने बेटे के साथ ससुराल जरल पंचायत के कांडी गांव से अपने मायके आई हुई थी। सोमवार को उसकी ताई तांगू देवी भी अपनी भतीजी से मिलने घर में आई थी। तांगू देवी अपने देवर, देवरानी के घर से थोड़ा दूर रहती थी। इस हादसे में जरल पंचायत के कांडी गांव का देवराज भी पत्नी कमला देवी और आठ महीने के भीष्म की मौत के बाद अकेला हो गया है। हादसे की खबर सुनते ही उसके पैरों के नीचे जमीन खिसक गई। देवराज खूब राम की बेटी कमला का पति है। प्रशासन की तरफ से प्रभावित परिवार को 75 हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम सुन्नी अस्पताल में किया गया।
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एनडीआरएफ की टीम रास्ते से लौटी
उपायुक्त अपूर्व देवगन, एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी और नायब तहसीलदार टेक चंद सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए। रास्ता खराब होने के कारण कई बार उपायुक्त को नंगे पांव चलना पड़ा। एनडीआरएफ की टीम निहरी तक पहुंची थी, लेकिन आगे रास्ता बंद होने की वजह से लौट गई। ग्रामीणों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। करीब 10:30 बजे सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया गया।
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