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Kullu News: उपचार के लिए लाहौल की महिलाओं को लगानी पड़ रही 100 किमी की दौड़
Thu, 24 Oct 2024 11:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 24 Oct 2024 11:11 AM IST
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क्षेत्रीय अस्पताल केलांग। -संवाद
केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के क्षेत्रीय अस्पताल केलांग में गायनी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। इससे महिलाओं को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें उपचार के लिए कुल्लू जिले के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। सर्दी का मौसम नजदीक आते ही घाटी की महिलाओं की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें इलाज के लिए 100 किलोमीटर से अधिक दूर कुल्लू जाना पड़ता है।
प्रदेश में सरकारें बदलती रहीं, चाहे वह भाजपा हो या कांग्रेस, लेकिन लाहौल-स्पीति में स्वास्थ्य सेवाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। अटल टनल रोहतांग के बनने से पहले लचर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण कई लोगों की जान चली जाती थी। यह डर अभी भी लोगों के मन में बना हुआ है। सर्दी का मौसम आते ही लोग स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंतित हो उठते है। विशेषकर महिलाओं से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए गायनी विशेषज्ञ की अनुपस्थिति सबसे बड़ी समस्या है।
स्थानीय लोग लगातार गायनी विशेषज्ञ की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। हालांकि, क्षेत्रीय अस्पताल केलांग और नागरिक अस्पताल काजा में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है, जिसे स्थानीय विधायक अनुराधा राणा ने मुख्यमंत्री से सिफारिश कर स्थापित करवाया था।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोशन लाल ने कहा कि हर महीने अस्पताल के रिक्त पदों की जानकारी सरकार को भेजी जाती है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
क्षेत्रीय अस्पताल केलांग में गायनी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती जरूरी है। महिलाओं को छोटी-सी बीमारी के चेकअप के लिए भी घाटी से बाहर जाना पड़ता है। प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि क्षेत्रीय अस्पताल केलांग में गायनी विशेषज्ञ चिकित्सक को तैनाती करे।
-भीम दासी, मड्ग्रां।
लाहौल-स्पीति जिले में महिलाओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक का होना बेहद जरूरी है। एक महिला को मामूली बीमारी के चेकअप के लिए जिला से बाहर मीलों दूर कुल्लू जाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें हजारों रुपये खर्च हो जाता है। विशेषज्ञ बहुत जरूरी है।
-बलवीर, नामू।
स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर निरंतर प्रयास जारी हैं। लाहौल-स्पीति जिले में महिलाओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक का होना जरूरी है। सरकार के समक्ष जल्द गायनी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती की मांग रखी जाएगी।
-अनुराधा राणा, विधायक, लाहौल-स्पीति
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प्रदेश में सरकारें बदलती रहीं, चाहे वह भाजपा हो या कांग्रेस, लेकिन लाहौल-स्पीति में स्वास्थ्य सेवाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। अटल टनल रोहतांग के बनने से पहले लचर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण कई लोगों की जान चली जाती थी। यह डर अभी भी लोगों के मन में बना हुआ है। सर्दी का मौसम आते ही लोग स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंतित हो उठते है। विशेषकर महिलाओं से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए गायनी विशेषज्ञ की अनुपस्थिति सबसे बड़ी समस्या है।
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स्थानीय लोग लगातार गायनी विशेषज्ञ की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। हालांकि, क्षेत्रीय अस्पताल केलांग और नागरिक अस्पताल काजा में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है, जिसे स्थानीय विधायक अनुराधा राणा ने मुख्यमंत्री से सिफारिश कर स्थापित करवाया था।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोशन लाल ने कहा कि हर महीने अस्पताल के रिक्त पदों की जानकारी सरकार को भेजी जाती है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
क्षेत्रीय अस्पताल केलांग में गायनी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती जरूरी है। महिलाओं को छोटी-सी बीमारी के चेकअप के लिए भी घाटी से बाहर जाना पड़ता है। प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि क्षेत्रीय अस्पताल केलांग में गायनी विशेषज्ञ चिकित्सक को तैनाती करे।
-भीम दासी, मड्ग्रां।
लाहौल-स्पीति जिले में महिलाओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक का होना बेहद जरूरी है। एक महिला को मामूली बीमारी के चेकअप के लिए जिला से बाहर मीलों दूर कुल्लू जाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें हजारों रुपये खर्च हो जाता है। विशेषज्ञ बहुत जरूरी है।
-बलवीर, नामू।
स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर निरंतर प्रयास जारी हैं। लाहौल-स्पीति जिले में महिलाओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक का होना जरूरी है। सरकार के समक्ष जल्द गायनी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती की मांग रखी जाएगी।
-अनुराधा राणा, विधायक, लाहौल-स्पीति