डॉक्टर छुट्टी पर, मरीजों की काट दी पर्ची
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क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में इन दिनों पर्चियां तो सैकड़ों के हिसाब से बनाई जा रही हैं, लेकिन मरीजों को ओपीडी में डॉक्टर ही नहीं मिल रहे हैं। डॉक्टर साहब छुट्टी पर होते हैं और मरीज शाम तक डॉक्टर का इंतजार करते रहते हैं। अब सवाल यह उठता है कि पर्ची बनाने से पहले पर्ची काउंटर में तैनात कर्मचारी मरीजों को डॉक्टर न होने की जानकारी क्यों नहीं दे रहे? लिहाजा, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में दूरस्थ गांवों से पहुंचने वाले सैकड़ों मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। गौरतलब है कि सोमवार को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में करीब नौ डॉक्टर अवकाश पर थे। इसके अलावा दो प्रशिक्षण और दो की शिविर में ड्यूटी लगी थी। ऐसे में कुल तेरह डॉक्टर अस्पताल में अनुपस्थित थे।
मरीज ओपीडी के बाहर पर्ची लेकर सुबह से शाम तक डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। ईएनटी और इमरजेंसी ओपीडी के अलावा अन्य सभी ओपीडी में ताले लटके हुए थे। जब शाम तक ओपीडी में डॉक्टर नहीं आए तो मरीजों को बिना उपचार कर वापस घर लौटना पड़ा। उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में कुल 26 डॉक्टर तैनात हैं, लेकिन 13 डॉक्टरों की अनुपस्थिति से मरीज काफी परेशानी रहे। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में उपचार करने आई मीना देवी और तनु का कहना है कि गायनी ओपीडी में दिनभर दरवाजा बंद रहा।
उन्होंने बताया कि शाम तक वे डॉक्टरों का इंतजार करती रहीं लेकिन उन्हें बिना उपचार के घर लौटना पड़ा। वहीं, अन्य ओपीडी में भी डॉक्टर न मिलने से घाटी के मरीज वापस घर लौटे। उधर, इस संदर्भ में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू वाईडी शर्मा ने बताया कि सोमवार को कई डॉक्टरों का अवकाश था, कई प्रशिक्षण पर शिमला चले गए हैं और कइयों की शिविरों में ड्यूटी लगी थी। इसके चलते मरीजों को ओपीडी में डॉक्टर नहीं मिले।