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Kullu News: वाद्ययंत्रों की मंगल ध्वनियों से गूंजा बनोगी
Tue, 13 Feb 2024 11:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Tue, 13 Feb 2024 11:43 PM IST
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खराहल (कुल्लू)। घाटी के गांव बनोगी में मंगलवार को फागली उत्सव मनाया गया। वाद्ययंत्रों की मंगल ध्वनि से बनोगी गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने देवताओं के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
गाहर गांव में पहले देवता सिंहमल और देवता पनाणू अपने देवालय स्थित गाहर से सुबह पांच बजे कारकूनों के साथ बनोगी पहुंचे। दोनों देवताओं का मिलन फाड़मेह में देवता गिरमल से हुआ। बनोगी में आदिकाल की आठ मूर्तियों को भंडार से देव वाद्य यंत्रों के साथ सौह में लाया गया। देवता पनाणू के पुजारी सुरेश ठाकुर ने बताया कि बनोगी गांव में फागली उत्सव में देव परंपरा का निर्वहन किया गया।
देवता गिरमल के कारदार ठाकर चंद कोटिया ने बताया कि फागली में खास तौर पर बुद्ध भगवान की मूर्ति के दर्शन साल में एक बार श्रद्धालुओं को होते हैं। भगवान बुद्ध की मूर्ति का शृंगार वाद्ययंत्रों की ध्वनियों के बीच हुआ। इसके बाद नरईटी नामक स्थान पर देव परंपरा निभाई गई। फागली में भक्तों ने गूर के माध्यम से पूछ (प्रश्न) भी डाली।
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देवलू ओमदत, राजेंद्र, चमन, निहाल चंद, महेंद्र, आदर्श, रितेश ने कहा कि उत्सव में काईस क्षेत्र के कई गांवों के लोगों ने शामिल होकर देवता की चाकरी दी। फागली में आए हुए मेहमानों को पारंपरिक पकवान भी परोसे गए। मंगलवार से कुल्लू में फागली पर्व का आगाज हो गया है। संवाद
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गाहर गांव में पहले देवता सिंहमल और देवता पनाणू अपने देवालय स्थित गाहर से सुबह पांच बजे कारकूनों के साथ बनोगी पहुंचे। दोनों देवताओं का मिलन फाड़मेह में देवता गिरमल से हुआ। बनोगी में आदिकाल की आठ मूर्तियों को भंडार से देव वाद्य यंत्रों के साथ सौह में लाया गया। देवता पनाणू के पुजारी सुरेश ठाकुर ने बताया कि बनोगी गांव में फागली उत्सव में देव परंपरा का निर्वहन किया गया।
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देवता गिरमल के कारदार ठाकर चंद कोटिया ने बताया कि फागली में खास तौर पर बुद्ध भगवान की मूर्ति के दर्शन साल में एक बार श्रद्धालुओं को होते हैं। भगवान बुद्ध की मूर्ति का शृंगार वाद्ययंत्रों की ध्वनियों के बीच हुआ। इसके बाद नरईटी नामक स्थान पर देव परंपरा निभाई गई। फागली में भक्तों ने गूर के माध्यम से पूछ (प्रश्न) भी डाली।
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देवलू ओमदत, राजेंद्र, चमन, निहाल चंद, महेंद्र, आदर्श, रितेश ने कहा कि उत्सव में काईस क्षेत्र के कई गांवों के लोगों ने शामिल होकर देवता की चाकरी दी। फागली में आए हुए मेहमानों को पारंपरिक पकवान भी परोसे गए। मंगलवार से कुल्लू में फागली पर्व का आगाज हो गया है। संवाद