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Kullu News: ब्लड सेपरेशन यूनिट का फिर बढ़ा इंतजार

Thu, 18 Apr 2024 10:21 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Thu, 18 Apr 2024 10:21 PM IST
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Wait for blood separation unit increased again
कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल की ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में लगाई गई मशीनें।-संवाद
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में स्थापित ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट को आरंभ करने के लिए अभी इंतजार करना होगा। यूनिट को शुरू करने से पहले लैब तकनीशियन को दोबारा प्रशिक्षण लेना पड़ रहा है। तकनीशियन के प्रशिक्षित होने के बाद ही यूनिट आरंभ हो पाएगी। इसके लिए बाकायदा अस्पताल प्रबंधन को लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा।
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क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में सितंबर 2022 में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट स्थापित की गई है। इससे एक यूनिट रक्त को चार हिस्सों में विभाजित कर मरीजों को वहीं तत्व चढ़ाया जाना था, जिसकी मरीज को आवश्यकता है। यूनिट के आरंभ न होने से फिलहाल अस्पताल में एक मरीज को पूरा यूनिट रक्त ही चढ़ाना पड़ रहा है।
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जानकारी के मुताबिक अस्पताल के लैब तकनीशियन ने पहले प्रशिक्षण लिया है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन को लाइसेंस नहीं मिल पाया। साथ ही सलाह दी कि तकनीशियन ने जो प्रशिक्षण लिया है, उसकी अवधि कम रही है। अब दोबारा उन्हें छह महीने का प्रशिक्षण लेना होगा। आईजीएमसी शिमला में तकनीशियन को प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है, लेकिन छह माह की लंबी अवधि होने के कारण यूनिट पांच से छह माह के बाद ही शुरू हो पाएगी।
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अस्पताल प्रबंधन लगातार यूनिट आरंभ करने का प्रयास कर रहा है। लैब तकनीशियन को प्रशिक्षण दिलाया गया था, लेकिन प्रशिक्षण अवधि कम होने के कारण लाइसेंस नहीं मिल पाया। अब तकनीशियन पिछले एक माह से आईजीएमसी में प्रशिक्षण ले रहा है। प्रशिक्षण पूरा होते ही लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया जाएगा।

-डॉ. नरेश चंद, चिकित्सा अधीक्षक
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ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के क्या हैं फायदे
रक्त में चार कंपोनेंट पाए जाते हैं, जिनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल हैं। कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में रक्त की परत को अलग-अलग किया जाता है। ऐसे में एक यूनिट रक्त से तीन से चार लोगों की जरूरत पूरी की जा सकती है। ऐसे में चार जिंदगियों को एक यूनिट रक्त से बचाया जा सकता है।
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