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Kullu News: कटराईं में सब्जी अनुसंधान को मिलेगा विस्तार
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पतलीकूहल (कुल्लू)। कुल्लू घाटी में शीतोष्ण सब्जियों के अनुसंधान और बीज उत्पादन को नई गति मिलने की उम्मीद है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) नई दिल्ली के निदेशक डॉ. सीएच निवासन राव और संयुक्त निदेशक डॉ. विश्वनाथन चिन्नुसामी ने आईएआरआई क्षेत्रीय केंद्र कटराईं का दौरा कर अनुसंधान और बीज उत्पादन कार्यों की समीक्षा की।
इस दौरान केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के माध्यम से करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि से तैयार विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया। निदेशक ने बड़ाग्रां फार्म में तैयार फार्म पाथ, थ्रेशिंग फ्लोर और शेड का उद्घाटन किया। इसके अलावा कटराईं में ब्यास के समीप निर्मित सुरक्षा दीवार और नग्गर फार्म में तैयार फार्म पाथ भी संस्थान को समर्पित किए।
इन सुविधाओं से अनुसंधान फार्मों में कृषि गतिविधियों को सुचारु बनाने के साथ बीज उत्पादन कार्यों को भी बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। कटराईं स्थित आईएआरआई क्षेत्रीय केंद्र का शीतोष्ण सब्जियों के अनुसंधान और बीज उत्पादन में लंबा इतिहास रहा है। वर्ष 1949 में भारत सरकार ने कुल्लू घाटी में केंद्रीय सब्जी प्रजनन केंद्र की स्थापना की थी। आईएआरआई के अनुसार, वर्तमान में केंद्र में सब्जी की 24 फसलों की 45 किस्मों का बीज उत्पादित किया जा रहा है। संवाद
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इस दौरान केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के माध्यम से करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि से तैयार विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया। निदेशक ने बड़ाग्रां फार्म में तैयार फार्म पाथ, थ्रेशिंग फ्लोर और शेड का उद्घाटन किया। इसके अलावा कटराईं में ब्यास के समीप निर्मित सुरक्षा दीवार और नग्गर फार्म में तैयार फार्म पाथ भी संस्थान को समर्पित किए।
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इन सुविधाओं से अनुसंधान फार्मों में कृषि गतिविधियों को सुचारु बनाने के साथ बीज उत्पादन कार्यों को भी बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। कटराईं स्थित आईएआरआई क्षेत्रीय केंद्र का शीतोष्ण सब्जियों के अनुसंधान और बीज उत्पादन में लंबा इतिहास रहा है। वर्ष 1949 में भारत सरकार ने कुल्लू घाटी में केंद्रीय सब्जी प्रजनन केंद्र की स्थापना की थी। आईएआरआई के अनुसार, वर्तमान में केंद्र में सब्जी की 24 फसलों की 45 किस्मों का बीज उत्पादित किया जा रहा है। संवाद
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