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ओपीएस का विकल्प नहीं है यूपीएस : महासंघ
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न्यू पेंशन स्कीम महासंघ कुल्लू ने दी प्रतिक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय पेंशन योजना को संशोधित कर यूनिफाइड पेंशन योजना का रूप दिए जाने पर न्यू पेंशन स्कीम महासंघ कुल्लू ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। महासंघ के जिलाध्यक्ष विनोद डोगरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगन्नाथ, राज्य उपाध्यक्ष अजीत बौद्ध, महासचिव ओम प्रकाश आदि ने कहा कि केंद्र हो या राज्य सरकारें, सभी को हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से बहाल की गई पुरानी पेंशन का मॉडल ही अपनाना होगा, तभी कर्मचारियों में अपने भविष्य को लेकर सुरक्षा बनी रहेगी।
बेशक कर्मचारी संगठनों की निरंतर बढ़ रही मांग के मद्देनजर केंद्र सरकार एक कदम आगे बढ़ी है, लेकिन देश तथा प्रदेश के कर्मचारी केवल पुरानी पेंशन बहाली चाहते हैं। वर्तमान समय में जब नौकरी 35-40 वर्ष की आयु तक ही मिलती है, उस हालात में 25 वर्ष का सेवाकाल बहुत कम कर्मचारी पूरा कर पाएंगे।
यह पेंशन भी निजी संस्था की ओर से संचालित होगी, जिससे कर्मचारियों में सदैव भय तथा असुरक्षा बनी रहेगी। यूनिफाइड पेंशन में अर्धसैनिक बलों तथा अस्थायी रूप से सेवाओं पर नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को अत्यधिक हानि होगी। यूनिफाइड पेंशन स्कीम का पुरानी पेंशन स्कीम से किसी भी तरह मुकाबला नहीं है। पूरे देश में कर्मचारी इस स्कीम को नहीं अपनाएंगे। हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन स्कीम पूरी तरह से लागू है, जिसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कर्मचारी वर्ग सदैव आभारी रहेगा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय पेंशन योजना को संशोधित कर यूनिफाइड पेंशन योजना का रूप दिए जाने पर न्यू पेंशन स्कीम महासंघ कुल्लू ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। महासंघ के जिलाध्यक्ष विनोद डोगरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगन्नाथ, राज्य उपाध्यक्ष अजीत बौद्ध, महासचिव ओम प्रकाश आदि ने कहा कि केंद्र हो या राज्य सरकारें, सभी को हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से बहाल की गई पुरानी पेंशन का मॉडल ही अपनाना होगा, तभी कर्मचारियों में अपने भविष्य को लेकर सुरक्षा बनी रहेगी।
बेशक कर्मचारी संगठनों की निरंतर बढ़ रही मांग के मद्देनजर केंद्र सरकार एक कदम आगे बढ़ी है, लेकिन देश तथा प्रदेश के कर्मचारी केवल पुरानी पेंशन बहाली चाहते हैं। वर्तमान समय में जब नौकरी 35-40 वर्ष की आयु तक ही मिलती है, उस हालात में 25 वर्ष का सेवाकाल बहुत कम कर्मचारी पूरा कर पाएंगे।
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यह पेंशन भी निजी संस्था की ओर से संचालित होगी, जिससे कर्मचारियों में सदैव भय तथा असुरक्षा बनी रहेगी। यूनिफाइड पेंशन में अर्धसैनिक बलों तथा अस्थायी रूप से सेवाओं पर नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को अत्यधिक हानि होगी। यूनिफाइड पेंशन स्कीम का पुरानी पेंशन स्कीम से किसी भी तरह मुकाबला नहीं है। पूरे देश में कर्मचारी इस स्कीम को नहीं अपनाएंगे। हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन स्कीम पूरी तरह से लागू है, जिसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कर्मचारी वर्ग सदैव आभारी रहेगा। संवाद
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