{"_id":"61f02be48df79303003485f0","slug":"two-surgeons-in-the-district-hospital-then-kullu-news-sml397727663","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिश्तेदारों से 75 हजार कर्ज लेकर निजी अस्पताल में करवाया ऑप्रेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिश्तेदारों से 75 हजार कर्ज लेकर निजी अस्पताल में करवाया ऑप्रेशन
विज्ञापन
कुल्लू के सरकारी अस्पताल में उपचार न मिलने पर निजी अस्पताल में करवा रहे मरीज इलाज।-संवाद
- फोटो : Kullu
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुल्लू। प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर सुविधा देने का दम भरने वाले दावे हवा हवाई हो रहे हैं। ऐसी ही लापरवाही जिला अस्पताल कुल्लू में सामने आई है। हार थक कर पीड़ित परिवार को रिश्तेदारों से 75 हजार रुपये का कर्ज लेकर मरीज को निजी अस्पताल में उपचार करवाना पड़ा है।
यह वाक्या जिला कुल्लू के बाह्य सराज आनी के खनाग स्थित जाओं गांव से आई मरीज जानकू देवी और पनारसा की देवकला के साथ हुआ है। पत्थरी और रसोली की बीमारी के परेशान जानकू देवी पांच माह से दर्द से कराहती रही। बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाले पति कर्मदास ने बताया कि 10 जनवरी को अपनी पत्नी जानकू देवी को इलाज के लिए जिला अस्पताल कुल्लू लेकर आया था और 12 जनवरी को चिकित्सकों ने दाखिल किया और अगले दिन 13 जनवरी को ऑपरेशन होना था, लेकिन इस दिन ऑपरेशन नहीं हो सका और चिकित्सक ने अगली तारीख 17 जनवरी की दी। इस दिन भी पत्थरी और रसोली का ऑपरेशन नहीं सका। इसके बाद डॉक्टरों ने 24 जनवरी की तिथि दी। लेकिन चिकित्सकों ने उनका ऑपरेशन किए बगैर ही 22 जनवरी को अस्पताल में तैनात नर्सों ने बुलाकर जानकू देवी और कलादेवी का छुट्टी दे दी। बिना उपचार किए दोनों महिला मरीज रोती बिखलती अस्पताल से बाहर निकलीं। इसके बाद 200 किलोमीटर का सफर कर कुल्लू अपनी पत्नी लेकर पहुंचे कर्मदास ने अपने रिश्तेदार से 75 हजार रुपये उधार लेकर जिला मुख्यालय में एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवाया है। पीड़ित कर्मदास और ईश्वर दास ने कहा कि गरीब लोगों की सुनवाई नहीं होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से गुहार लगाई कि क्या वजह रही कि उनकी पत्नी का ऑपरेशन नहीं हो सका है। उन्होंने इसकी उचित जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी गरीब मरीज केे साथ ऐसो न हो।
बाक्स
दस हजार की टैक्सी कर कुल्लू पहुंचे थे मरीज
कुल्लू। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला हाईवे-305 जनवरी के पहले सप्ताह से यातायात केे लिए बंद है। भारी बर्फबारी के कारण जरूरतमंद लोगों को वाया शिमला या करसोग होकर आना पड़ रहा है। ऐसे में पीड़ित कर्मदास भी अपनी पत्नी को उपचार के लिए खनाग से जाओं गांव से वाया करसोग और सुंदरनगर होकर कुल्लू पहुंचे थे। बावजूद उन्हें सरकारी सुविधा नहीं मिल सकी और उन्हें निजी अस्पताल में इलाज करवाना पड़ा है।
विज्ञापन
मामले की जांच की जाएगी
जिला अस्पताल कुल्लू के एमएस डॉ. नरेश चंद ने कहा कि उनके ध्यान में मामला नहीं है। जिला अस्पताल में दो सर्जन हैं। इसमें एक अवकाश पर थे, जबकि दूसरे डॉक्टर तीन दिन पहले कोरोना संक्रमित हो गए हैं। बावजूद इसके क्या कारण रहे इसकी रिपोर्ट लेकर जांच की जाएगी।
विज्ञापन
यह वाक्या जिला कुल्लू के बाह्य सराज आनी के खनाग स्थित जाओं गांव से आई मरीज जानकू देवी और पनारसा की देवकला के साथ हुआ है। पत्थरी और रसोली की बीमारी के परेशान जानकू देवी पांच माह से दर्द से कराहती रही। बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाले पति कर्मदास ने बताया कि 10 जनवरी को अपनी पत्नी जानकू देवी को इलाज के लिए जिला अस्पताल कुल्लू लेकर आया था और 12 जनवरी को चिकित्सकों ने दाखिल किया और अगले दिन 13 जनवरी को ऑपरेशन होना था, लेकिन इस दिन ऑपरेशन नहीं हो सका और चिकित्सक ने अगली तारीख 17 जनवरी की दी। इस दिन भी पत्थरी और रसोली का ऑपरेशन नहीं सका। इसके बाद डॉक्टरों ने 24 जनवरी की तिथि दी। लेकिन चिकित्सकों ने उनका ऑपरेशन किए बगैर ही 22 जनवरी को अस्पताल में तैनात नर्सों ने बुलाकर जानकू देवी और कलादेवी का छुट्टी दे दी। बिना उपचार किए दोनों महिला मरीज रोती बिखलती अस्पताल से बाहर निकलीं। इसके बाद 200 किलोमीटर का सफर कर कुल्लू अपनी पत्नी लेकर पहुंचे कर्मदास ने अपने रिश्तेदार से 75 हजार रुपये उधार लेकर जिला मुख्यालय में एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवाया है। पीड़ित कर्मदास और ईश्वर दास ने कहा कि गरीब लोगों की सुनवाई नहीं होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से गुहार लगाई कि क्या वजह रही कि उनकी पत्नी का ऑपरेशन नहीं हो सका है। उन्होंने इसकी उचित जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी गरीब मरीज केे साथ ऐसो न हो।
विज्ञापन
बाक्स
दस हजार की टैक्सी कर कुल्लू पहुंचे थे मरीज
कुल्लू। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला हाईवे-305 जनवरी के पहले सप्ताह से यातायात केे लिए बंद है। भारी बर्फबारी के कारण जरूरतमंद लोगों को वाया शिमला या करसोग होकर आना पड़ रहा है। ऐसे में पीड़ित कर्मदास भी अपनी पत्नी को उपचार के लिए खनाग से जाओं गांव से वाया करसोग और सुंदरनगर होकर कुल्लू पहुंचे थे। बावजूद उन्हें सरकारी सुविधा नहीं मिल सकी और उन्हें निजी अस्पताल में इलाज करवाना पड़ा है।
विज्ञापन
मामले की जांच की जाएगी
जिला अस्पताल कुल्लू के एमएस डॉ. नरेश चंद ने कहा कि उनके ध्यान में मामला नहीं है। जिला अस्पताल में दो सर्जन हैं। इसमें एक अवकाश पर थे, जबकि दूसरे डॉक्टर तीन दिन पहले कोरोना संक्रमित हो गए हैं। बावजूद इसके क्या कारण रहे इसकी रिपोर्ट लेकर जांच की जाएगी।