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Kullu News: अब लाहौल घाटी में उमड़ रहे पर्यटक
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शिकुंला दर्रा पर बर्फ के दीदार को पहुंचे पर्यटक बर्फ में मस्ती करते हुए।-संवाद
कुल्लू। मानसून की दस्तक से भले ही सैलानियों की संख्या में कमी आई हो लेकिन लाहौल की वादियों की सैलानी पहुंच रहे हैं। कुल्लू के मनाली, जिभी, जलोड़ी दर्रा, मणिकर्ण और कसोल में सैलानियों की भीड़ छंट गई। लाहौल घाटी में सिस्सू, जिस्पा, दारचा और लेह की ओर जाने वाले मार्गों पर पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ है।
मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन ने पर्यटकों के लिए एडवायजरी जारी की है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जाने से बचें। मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। इसके बावजूद कई पर्यटक सेल्फी और सोशल मीडिया रील बनाने के लिए जोखिम उठाते हुए नदी किनारों और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। इससे हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
प्रशासन ने पर्यटकों से अनावश्यक जोखिम न लेने और सुरक्षित स्थानों पर ही पर्यटन गतिविधियां करने की अपील की है। बड़ी संख्या में बाइक राइडर्स भी मनाली होते हुए लाहौल, पांगी और आगे सचे जोत की ओर रुख कर रहे हैं। सचे जोत मार्ग को कठिन और चुनौतीपूर्ण पहाड़ी मार्गों में गिना जाता है। मानसून के दौरान इस मार्ग पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क बाधित होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में प्रशासन ने बाइक सवारों और अन्य यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।
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मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन ने पर्यटकों के लिए एडवायजरी जारी की है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जाने से बचें। मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। इसके बावजूद कई पर्यटक सेल्फी और सोशल मीडिया रील बनाने के लिए जोखिम उठाते हुए नदी किनारों और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। इससे हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
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प्रशासन ने पर्यटकों से अनावश्यक जोखिम न लेने और सुरक्षित स्थानों पर ही पर्यटन गतिविधियां करने की अपील की है। बड़ी संख्या में बाइक राइडर्स भी मनाली होते हुए लाहौल, पांगी और आगे सचे जोत की ओर रुख कर रहे हैं। सचे जोत मार्ग को कठिन और चुनौतीपूर्ण पहाड़ी मार्गों में गिना जाता है। मानसून के दौरान इस मार्ग पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क बाधित होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में प्रशासन ने बाइक सवारों और अन्य यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।
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