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Kullu News: पर्यटक अटल टनल के दीवाने, नहीं ठहरने देतीं असुविधाएं
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मनाली के अटल टनल रोहतांग के दीदार को पहुंचे पर्यटक।-
मनाली (कुल्लू)। मैदानी इलाकों में तपिश बढ़ते ही अब सैलानी अटल टनल रोहतांग और रोहतांग दर्रा का रुख करने लगे हैं। सैलानियों के लिए गर्मी से राहत पाने के लिए ये पसंदीदा जगह हैं। मनाली आने वाला हर पर्यटक सबसे पहले इन्ही पर्यटन स्थलों का रुख करता है। इन दिनों रोहतांग बंद होने से अटल टनल में भीड़ उमड़ रही है। हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है लेकिन मनाली में पर्यटकों का ठहराव बढ़ाने की दिशा में किसी भी सरकार ने पहल नहीं की। दो दिन रुकने के बाद पर्यटक यहां से लौट जाते हैं। मनाली में प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। कोरोना काल, आपदा और ऑपरेशन सिंदूर को छोड़ दें तो कुल्लू-मनाली में पर्यटकों का आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है लेकिन पर्यटन व्यवसाय अभी भी पुराने ढर्रे पर ही चला है। पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी तो हुई परंतु पर्यटकों का ठहराव लगातार कम होता जा रहा है। अधिकांश पर्यटक दो या तीन दिन से अधिक मनाली में नहीं रुक रहा। इसका मुख्य कारण नए पर्यटक स्थलों को विकसित नहीं करना है। चार दशक बाद भी मनाली में नए पर्यटन स्थल चिह्नित नहीं हो पाए हैं। ऐसा नहीं है कि मनाली में पर्यटन स्थलों की कमी है। कुदरत ने मनाली को बहुत कुछ दिया है। जरूरत है तो बस राजनीतिक इच्छाशक्ति की।
ये हैं मनाली के अनछुए पर्यटन स्थल
पर्यटन नगरी के अनछुए पर्यटन स्थल भृगु, दशौहर, हामटा, रानी सुई, चंद्रखणी, लमाढुग स्थल पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जा सकते हैं। सड़क और अन्य सुविधाओं के अभाव में बहुत कम संख्या में ही सैलानी यहां पहुंचते हैं। हामटा में हालांकि सर्दियों में बर्फ रहती है। यदि सड़क कुछ किलोमीटर आगे तक निकाली जाए तो गर्मी में भी यहां बर्फ देखने को मिलेगी।
पर्यटन कारोबारी अजय अबरोल ने कहा कि नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने में किसी भी सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। अटल टनल बनने से एक नया स्थल जरूर विकसित हुआ है, लेकिन गर्मी में बर्फ देखना सिर्फ रोहतांग पर ही संभव है। ऐसे ही नए स्थलों को विकसित किया जाना जरूरी है।
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फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश गजेंद्र ठाकुर ने कहा कि मनाली में पर्यटन स्थलों की कमी नहीं है। मनाली में पर्यटन को बढ़ावा देना है तो सरकार को नए पर्यटन स्थलों को चिह्नित करना चाहिए। इससे रोहतांग में भी दबाव कम होगा और ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी।
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ये हैं मनाली के अनछुए पर्यटन स्थल
पर्यटन नगरी के अनछुए पर्यटन स्थल भृगु, दशौहर, हामटा, रानी सुई, चंद्रखणी, लमाढुग स्थल पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जा सकते हैं। सड़क और अन्य सुविधाओं के अभाव में बहुत कम संख्या में ही सैलानी यहां पहुंचते हैं। हामटा में हालांकि सर्दियों में बर्फ रहती है। यदि सड़क कुछ किलोमीटर आगे तक निकाली जाए तो गर्मी में भी यहां बर्फ देखने को मिलेगी।
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पर्यटन कारोबारी अजय अबरोल ने कहा कि नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने में किसी भी सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। अटल टनल बनने से एक नया स्थल जरूर विकसित हुआ है, लेकिन गर्मी में बर्फ देखना सिर्फ रोहतांग पर ही संभव है। ऐसे ही नए स्थलों को विकसित किया जाना जरूरी है।
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फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश गजेंद्र ठाकुर ने कहा कि मनाली में पर्यटन स्थलों की कमी नहीं है। मनाली में पर्यटन को बढ़ावा देना है तो सरकार को नए पर्यटन स्थलों को चिह्नित करना चाहिए। इससे रोहतांग में भी दबाव कम होगा और ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी।