{"_id":"a96e4a3aea6187dd1b83b3f5a502e465","slug":"tourist-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोहतांग जाने के लिए सैलानियों ने की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोहतांग जाने के लिए सैलानियों ने की नारेबाजी
ब्यूरो, अमर उजाला/कुल्लू
Updated Thu, 19 Nov 2015 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मनाली (कुल्लू)। मनाली प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा देश-विदेश के सैलानियों को भुगतना पड़ रहा है। रोहतांग न जाने से नाराज सैलानियों ने विरोध में नारेबाजी की, लेकिन कुछ देर बाद किसी तरह सैलानियों को शांत किया गया।
रोहतांग जाने को परमिट न मिलने के कारण पर्यटक विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी पर उतर आए हैं। बताया जा रहा है कि बैरियर में आज सैलानियों के साथ महिलाएं भी शामिल थी।
हैरानी की बात यह है कि जब भी किसी प्रशासनिक अधिकारी से रोहतांग परमिट के बारे में बात करें तो अधिकारी एक दूसरे के सर पर ही दोष मड़ते नजर आ रहे हैं।
गुजरात से आए सुरेश पटेल का कहना है कि एनजीटी ने रोहतांग दर्रे में एक हजार गाड़ियों को ही भेजने का आदेश दिया है। फिर प्रशासन 1000 वाहनों को क्यों नहीं भेज रहा है। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार सहित सैकड़ों मील का सफर कर मनाली के माल रोड स्थित रेस्तरां में खाना खाने नहीं आया हूं। हजारों रुपये खर्च कर सिर्फ बर्फ देखने यहां पहुंचा हूं, लेकिन प्रशासन की नाकामी के चलते हम परिवार सहित बर्फ देखने से महरूम हुए हैं। गुजरात के ही पर्यटक ने बताया कि मनाली के ट्रेवल एजेंट और होटलियर्स सर्दियों में गुजरात के विभिन्न जिलों में आकर पर्यटकों को मनाली आने का न्यौता देते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यहां आकर जिस तरह से पर्यटकों को परेशान होना पड़ रहा है। उसे लेकर वे अपने प्रदेशवासियों को यही सलाह देंगे कि वे मनाली न जाएं। इधर, होटलियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि यह सही है कि पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को ही एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई है। बैठक के बाद वह प्रशासन से मिलकर समस्या का समाधान निकालेंगे।
विज्ञापन
रोहतांग जाने को परमिट न मिलने के कारण पर्यटक विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी पर उतर आए हैं। बताया जा रहा है कि बैरियर में आज सैलानियों के साथ महिलाएं भी शामिल थी।
विज्ञापन
हैरानी की बात यह है कि जब भी किसी प्रशासनिक अधिकारी से रोहतांग परमिट के बारे में बात करें तो अधिकारी एक दूसरे के सर पर ही दोष मड़ते नजर आ रहे हैं।
गुजरात से आए सुरेश पटेल का कहना है कि एनजीटी ने रोहतांग दर्रे में एक हजार गाड़ियों को ही भेजने का आदेश दिया है। फिर प्रशासन 1000 वाहनों को क्यों नहीं भेज रहा है। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार सहित सैकड़ों मील का सफर कर मनाली के माल रोड स्थित रेस्तरां में खाना खाने नहीं आया हूं। हजारों रुपये खर्च कर सिर्फ बर्फ देखने यहां पहुंचा हूं, लेकिन प्रशासन की नाकामी के चलते हम परिवार सहित बर्फ देखने से महरूम हुए हैं। गुजरात के ही पर्यटक ने बताया कि मनाली के ट्रेवल एजेंट और होटलियर्स सर्दियों में गुजरात के विभिन्न जिलों में आकर पर्यटकों को मनाली आने का न्यौता देते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यहां आकर जिस तरह से पर्यटकों को परेशान होना पड़ रहा है। उसे लेकर वे अपने प्रदेशवासियों को यही सलाह देंगे कि वे मनाली न जाएं। इधर, होटलियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि यह सही है कि पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को ही एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई है। बैठक के बाद वह प्रशासन से मिलकर समस्या का समाधान निकालेंगे।