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Kullu News: दीपावली पर घर ही नहीं दिल भी महकाएंगी किरण की मोमबत्तियां
Mon, 13 Oct 2025 10:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 13 Oct 2025 10:09 PM IST
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कुल्लू दशहरा उत्सव में लगी अस्थाई मार्केट में चंबा की किरण बाला और उनकी बनाई मोमबत्ती।-संवाद
दशहरा में लगाए स्टॉल पर हर रंग, आकार और सुगंध की मोमबत्तियां लोगों को कर रहीं आकर्षित
डेढ़ साल पहले शुरू किया था काम, आज शिमला, दिल्ली, डलहौजी तक है उनके उत्पाद की मांग
गौरीशंकर
कुल्लू। चंबा के साहो की किरण बाला ने अपने हुनर और मेहनत से सुगंधित मोमबत्तियों को केवल सजावट की चीज नहीं, बल्कि त्योहारों की खास पहचान बना दिया है।
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में लगाए उनके स्टॉल पर हर रंग, आकार और सुगंध की मोमबत्तियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। महज डेढ़ साल में उन्होंने मोमबत्ती निर्माण को व्यवसाय में बदला। आज शिमला, दिल्ली, डलहौजी तक उनके उत्पाद की मांग है। दीपावली पर उनकी बनाईं मोमबत्तियां न केवल रोशनी बिखेरेंगी, बल्कि घरों को सुगंध और सुकून से भर देंगी।
किरण बाला ने कहा कि उनकी बनाई मोमबत्तियों को कुल्लू में अच्छा रुझान मिल रहा है। उन्होंने डेढ़ साल पहले सुगंधित मोमबत्तियां बनाना शुरू किया था। इतने कम समय में उनकी अलग पहचान बन गई है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल एक कार्यशाला में भाग लिया था। इसमें मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद अलग-अलग डिजाइन की मोमबत्तियां तैयार की थीं। इन्हें चंबा में एक कार्यक्रम में प्रदर्शित किया था। यहां लोगों ने इन्हें खूब सराहा और खरीददारी की। इससे उनका उत्साह बढ़ा और मोमबत्ती बनाने का कार्य शुरू कर दिया।
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दिवाली पर मोदक लड्डू आकार की मोमबत्ती की मांग
किरण बाला अलग-अलग रंगों में सुगंध से भरपूर लोटस, मोदक, छोटे बाबल, थ्री डी हार्ट शेप, दीया कैंडल और डेजी सहित कई प्रकार की मोमबत्ती बनाती हैं। अलग-अलग डिजाइन की ये मोमबत्तियां सजावट के काम भी आती हैं। दिवाली के लिए सबसे ज्यादा मोदक लड्डू आकार की मोमबत्ती की मांग है। उन्होंने कहा कि इन्हें बनाने के लिए उनके पास छोटे-छोटे सांचे हैं। इनमें ढालकर मोमबत्ती बनाई जाती है।
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मेडिटेशन और थेरेपी में भी किया जा रहा उपयोग
किरण ने कहा कि इस सुगंधित मोमबत्ती का इस्तेमाल सिर्फ रोशनी करने और सुगंध फैलाने के लिए ही नहीं किया जा रहा है, बल्कि इनका उपयोग लोग मेडिटेशन और थेरेपी के लिए भी कर रहे हैं। मोमबत्ती में तरह तरह की सुगंध को ध्यान और थेरेपी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए सुगंधित मोमबत्ती का महत्व अधिक बन रहा है।
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चंबा के होटलों से भी मिल रही डिमांड
किरण के अनुसार चंबा के बड़े होटलों से उन्हें सुगंधित मोमबत्ती की मांग आ रही है। चंबा में ये मोमबत्तियां ट्रेंडिंग पर चल रही हैं। वह पिछले डेढ़ साल से शिमला, दिल्ली, मिंजर मेला, विंटर कार्निवल डलहौजी में भी स्टाॅल लगा चुकी हैं।
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डेढ़ साल पहले शुरू किया था काम, आज शिमला, दिल्ली, डलहौजी तक है उनके उत्पाद की मांग
गौरीशंकर
कुल्लू। चंबा के साहो की किरण बाला ने अपने हुनर और मेहनत से सुगंधित मोमबत्तियों को केवल सजावट की चीज नहीं, बल्कि त्योहारों की खास पहचान बना दिया है।
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में लगाए उनके स्टॉल पर हर रंग, आकार और सुगंध की मोमबत्तियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। महज डेढ़ साल में उन्होंने मोमबत्ती निर्माण को व्यवसाय में बदला। आज शिमला, दिल्ली, डलहौजी तक उनके उत्पाद की मांग है। दीपावली पर उनकी बनाईं मोमबत्तियां न केवल रोशनी बिखेरेंगी, बल्कि घरों को सुगंध और सुकून से भर देंगी।
किरण बाला ने कहा कि उनकी बनाई मोमबत्तियों को कुल्लू में अच्छा रुझान मिल रहा है। उन्होंने डेढ़ साल पहले सुगंधित मोमबत्तियां बनाना शुरू किया था। इतने कम समय में उनकी अलग पहचान बन गई है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल एक कार्यशाला में भाग लिया था। इसमें मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद अलग-अलग डिजाइन की मोमबत्तियां तैयार की थीं। इन्हें चंबा में एक कार्यक्रम में प्रदर्शित किया था। यहां लोगों ने इन्हें खूब सराहा और खरीददारी की। इससे उनका उत्साह बढ़ा और मोमबत्ती बनाने का कार्य शुरू कर दिया।
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दिवाली पर मोदक लड्डू आकार की मोमबत्ती की मांग
किरण बाला अलग-अलग रंगों में सुगंध से भरपूर लोटस, मोदक, छोटे बाबल, थ्री डी हार्ट शेप, दीया कैंडल और डेजी सहित कई प्रकार की मोमबत्ती बनाती हैं। अलग-अलग डिजाइन की ये मोमबत्तियां सजावट के काम भी आती हैं। दिवाली के लिए सबसे ज्यादा मोदक लड्डू आकार की मोमबत्ती की मांग है। उन्होंने कहा कि इन्हें बनाने के लिए उनके पास छोटे-छोटे सांचे हैं। इनमें ढालकर मोमबत्ती बनाई जाती है।
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मेडिटेशन और थेरेपी में भी किया जा रहा उपयोग
किरण ने कहा कि इस सुगंधित मोमबत्ती का इस्तेमाल सिर्फ रोशनी करने और सुगंध फैलाने के लिए ही नहीं किया जा रहा है, बल्कि इनका उपयोग लोग मेडिटेशन और थेरेपी के लिए भी कर रहे हैं। मोमबत्ती में तरह तरह की सुगंध को ध्यान और थेरेपी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए सुगंधित मोमबत्ती का महत्व अधिक बन रहा है।
चंबा के होटलों से भी मिल रही डिमांड
किरण के अनुसार चंबा के बड़े होटलों से उन्हें सुगंधित मोमबत्ती की मांग आ रही है। चंबा में ये मोमबत्तियां ट्रेंडिंग पर चल रही हैं। वह पिछले डेढ़ साल से शिमला, दिल्ली, मिंजर मेला, विंटर कार्निवल डलहौजी में भी स्टाॅल लगा चुकी हैं।

कुल्लू दशहरा उत्सव में लगी अस्थाई मार्केट में चंबा की किरण बाला और उनकी बनाई मोमबत्ती।-संवाद