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Kullu News: दिसंबर में सफेद चांदी के लिए तरसी छह माह बर्फ से ढकी रहने वाली घाटी

Wed, 31 Dec 2025 11:43 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Wed, 31 Dec 2025 11:43 PM IST
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The valley, which remains covered in snow for six months, yearns for white silver in December.
नववर्ष का जश्न मनाने के लिए हजारों पर्यटकों ने मनाली का रूख किया है। मनाली के मालरोड पर उमड़ी प
पहली बार लाहौल में दिसंबर में बर्फ की जगह रिकॉर्ड की बारिश
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बर्फ के रेगिस्तान में आर्टिफिशियल बर्फ बनाने की आई नौबत


अशोक राणा
केलांग (लाहौल-स्पीति)। साल के छह महीने तक बर्फ से लकदक रहने वाले शीत मरुस्थल लाहौल में इस बार मौसम ने सभी को हैरान कर दिया है।
दिसंबर में पहली बार घाटी में बर्फबारी की जगह बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह असामान्य स्थिति बाकायदा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के रिकॉर्ड में दर्ज हुई है।
अब तक दिसंबर और जनवरी लाहौल घाटी में सबसे अधिक बर्फबारी के लिए जाने जाते रहे हैं। वर्ष 2025 का दिसंबर अब तक का सबसे गर्म दिसंबर बताया जा रहा है। पहले दिसंबर में औसतन तापमान माइनस 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता था। इस बार यह माइनस 5 डिग्री सेल्सियस के करीब रिकॉर्ड किया गया है।
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मौसम के बदले मिजाज का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पहले दिसंबर के दौरान नदी-नाले और पेयजल की पाइप लाइनें जम जाती थीं लेकिन इस बार पूरे महीने पेयजल आपूर्ति सुचारू रही।
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जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार लाहौल में दिसंबर के दौरान बर्फ के बजाय 47.7 एमएम बारिश दर्ज की गई है। यह मौसम वैज्ञानिकों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर-जनवरी में गिरने वाली बर्फ हिमनदों के लिए संजीवनी का काम करती है और इसका असर आने वाले वर्षों में जल संसाधनों पर पड़ सकता है।
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पर्यटकों की बेतहाशा बढ़ी आवाजाही
लाहौल-स्पीति पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक इस बार क्रिसमस ईव पर अटल टनल होकर करीब 45 हजार वाहन लाहौल पहुंचे जबकि पिछले वर्ष यह संख्या महज 15 हजार थी। नए साल के जश्न के लिए इस बार करीब एक लाख वाहनों के लाहौल पहुंचने का अनुमान है जबकि बीते साल यह आंकड़ा लगभग 25 हजार रहा था। साल दर साल बर्फबारी में आ रही कमी कृषि और पर्यटन दोनों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है।

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बर्फ के समंदर में आर्टिफिशियल बर्फ की नौबत
बर्फबारी नहीं होने के चलते हालात ऐसे बने कि लाहौल में आर्टिफिशियल बर्फ तैयार करनी पड़ी। हाल ही में अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल पर कुछ पर्यटन कारोबारियों ने पर्यटकों के मनोरंजन के लिए कृत्रिम बर्फ तैयार की। नायाब तहसीलदार राम दयाल ने कहा कि अटल टनल बनने के बाद घाटी में बर्फबारी में कमी देखी जा रही है। इस बार दिसंबर महीने में भी पानी नहीं जम रहा जो पहले कभी नहीं हुआ।

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पृथ्वी का ध्रुव खिसकने से बदल रहा मौसम चक्र
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क से निदेशक पद से सेवानिवृत्त एवं सेव लाहौल-स्पीति सोसायटी के अध्यक्ष बीएस राणा ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग का सबसे बड़ा कारण पोलर ड्रिफ्ट का है। पृथ्वी का ध्रुव अपनी जगह पर स्थिर नहीं रहता, बल्कि समय के साथ थोड़ा-थोड़ा इधर-उधर खिसकता रहता है। इसी कारण मौसम का चक्र बदल रहा है।
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