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Kullu News: वन्य जीवों की पहचान कर वापस लौटा दल
Sat, 11 Jan 2025 11:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 11 Jan 2025 11:28 AM IST
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राजस्थान और उत्तराखंड में जानी जैव-विविधता
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। राजस्थान और उत्तराखंड में वन्य जीवों और वनस्पतियों की पहचान कर सीख ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क का दल वापस लौट आया है।
विश्व धरोहर की अनुभव यात्रा के तहत पार्क के 27 सदस्यीय दल ने पांच दिन तक दोनों राज्यों की जैव-विविधता को बारीकी से समझा। विश्व धरोहर क्षेत्र केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान भरतपुर पक्षी अभयारण्य राजस्थान व फतेहपुर सीकरी, ताजमहल इमारत एवं वन्य जीव संस्थान व भारतीय फॉरेस्ट अकादमी का भ्रमण किया। इनमें पाए जाने वाले पक्षियों और वनस्पतियों की प्रजातियों को जाना। इसके अलावा पार्क प्रबंधन की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण भी लिया।
भारतीय वन्य जीव संस्थान एवं यूनेस्को प्राकृतिक विश्व विरासत केंद्र कैटेगरी-2 के इंस्ट्रक्टर डॉ. अनुरंजन राय ने कहा कि दल को प्राकृतिक, एतिहासिक, सांस्कृतिक व पारंपरिक जीव विविधता की जानकारी और प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि वन्य जीव धरोहर का संरक्षण करना हम सभी का कर्तव्य है। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के वन मंडलाधिकारी सचिन शर्मा ने कहा कि पांच दिनों तक पार्क प्रबंधन के दल ने राजस्थान और उत्तराखंड के वन अभयारण्यों का भ्रमण किया है। भ्रमण के दौरान दल ने वन्य जीवों के संरक्षण तथा पार्क प्रबंधन की विधाएं सीखी हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। राजस्थान और उत्तराखंड में वन्य जीवों और वनस्पतियों की पहचान कर सीख ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क का दल वापस लौट आया है।
विश्व धरोहर की अनुभव यात्रा के तहत पार्क के 27 सदस्यीय दल ने पांच दिन तक दोनों राज्यों की जैव-विविधता को बारीकी से समझा। विश्व धरोहर क्षेत्र केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान भरतपुर पक्षी अभयारण्य राजस्थान व फतेहपुर सीकरी, ताजमहल इमारत एवं वन्य जीव संस्थान व भारतीय फॉरेस्ट अकादमी का भ्रमण किया। इनमें पाए जाने वाले पक्षियों और वनस्पतियों की प्रजातियों को जाना। इसके अलावा पार्क प्रबंधन की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण भी लिया।
भारतीय वन्य जीव संस्थान एवं यूनेस्को प्राकृतिक विश्व विरासत केंद्र कैटेगरी-2 के इंस्ट्रक्टर डॉ. अनुरंजन राय ने कहा कि दल को प्राकृतिक, एतिहासिक, सांस्कृतिक व पारंपरिक जीव विविधता की जानकारी और प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि वन्य जीव धरोहर का संरक्षण करना हम सभी का कर्तव्य है। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के वन मंडलाधिकारी सचिन शर्मा ने कहा कि पांच दिनों तक पार्क प्रबंधन के दल ने राजस्थान और उत्तराखंड के वन अभयारण्यों का भ्रमण किया है। भ्रमण के दौरान दल ने वन्य जीवों के संरक्षण तथा पार्क प्रबंधन की विधाएं सीखी हैं।
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