{"_id":"67b48ebdddc99f2416076f02","slug":"the-principal-left-his-chair-and-welcomed-the-children-at-the-gate-kullu-news-c-89-1-klu1002-141469-2025-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: कुर्सी छोड़ प्रधानाचार्य ने गेट पर किया बच्चों का स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: कुर्सी छोड़ प्रधानाचार्य ने गेट पर किया बच्चों का स्वागत
Wed, 19 Feb 2025 10:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 19 Feb 2025 10:12 AM IST
विज्ञापन
छठी कक्षा में प्रवेश पाने वाली छात्र का लाहौली परंपरा के अनुसार खतक पहनाकर स्वागत करते प्रधानाच
केलांग (लाहौल स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल स्पीति के थिरोट स्कूल के प्रधानाचार्य प्रेम लाल ने एक अद्वितीय उदाहरण पेश करते हुए नए विद्यार्थियों का स्वागत स्कूल के गेट पर किया। कुर्सी और कार्यालय छोड़कर जब प्रधानाचार्य छात्रों के स्वागत के लिए गेट तक पहुंचे तो यह दृश्य न केवल विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक था, बल्कि पूरे स्कूल समुदाय के लिए भी एक प्रेरणा बन गया।
दरअसल, लाहौल में विंटर क्लोजिंग के बाद सोमवार से फिर से स्कूल खुल गए। इस दौरान पांचवीं कक्षा पास कर छठी कक्षा में दाखिला लिया। वहीं, मंगलवार सुबह पौने दस बजे जैसे ही नए विद्यार्थियों का स्कूल में प्रवेश होना शुरू हुआ प्रधानाचार्य प्रेम लाल कुर्सी छोड़कर कार्यालय से बाहर निकलकर गेट पर पहुंच गए। वह उन्होंने विद्यार्थियों का परंपरागत रूप से पवित्र कपड़ा खतग पहनाकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन और शिक्षक भी उपस्थित थे, जिन्होंने मिलकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
प्रधानाचार्य ने छठी कक्षा में प्रवेश लेने वाले झोलिंग गांव के आर्यन और मोक्षिता, सिंदवाडी के सेजल, सौरभ और थिरोट की तेजिस्वनी का स्वागत किया। आर्यन और मोक्षिता ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि स्कूल प्रबंधक स्वयं हमारे स्वागत के लिए आए। इससे हमारी झिझक खत्म हो गई और हम अब नए स्कूल में प्रवेश को लेकर पूरी तरह से उत्साहित हैं। प्रधानाचार्य ने हमारे साथ दोस्त की तरह व्यवहार किया। यही माहौल हर स्कूल में होना चाहिए।
विज्ञापन
अकसर नए स्कूल में प्रवेश करने को लेकर विद्यार्थी असहज महसूस करते हैं। नए माहौल में आसानी से नहीं ढल पाते हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए बच्चों को दोस्ताना माहौल देने के लिए इस तरह की पहल करना जरूरी है।
-प्रेम लाल, प्रधानाचार्य, थिरोट स्कूल
विज्ञापन
दरअसल, लाहौल में विंटर क्लोजिंग के बाद सोमवार से फिर से स्कूल खुल गए। इस दौरान पांचवीं कक्षा पास कर छठी कक्षा में दाखिला लिया। वहीं, मंगलवार सुबह पौने दस बजे जैसे ही नए विद्यार्थियों का स्कूल में प्रवेश होना शुरू हुआ प्रधानाचार्य प्रेम लाल कुर्सी छोड़कर कार्यालय से बाहर निकलकर गेट पर पहुंच गए। वह उन्होंने विद्यार्थियों का परंपरागत रूप से पवित्र कपड़ा खतग पहनाकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन और शिक्षक भी उपस्थित थे, जिन्होंने मिलकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य ने छठी कक्षा में प्रवेश लेने वाले झोलिंग गांव के आर्यन और मोक्षिता, सिंदवाडी के सेजल, सौरभ और थिरोट की तेजिस्वनी का स्वागत किया। आर्यन और मोक्षिता ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि स्कूल प्रबंधक स्वयं हमारे स्वागत के लिए आए। इससे हमारी झिझक खत्म हो गई और हम अब नए स्कूल में प्रवेश को लेकर पूरी तरह से उत्साहित हैं। प्रधानाचार्य ने हमारे साथ दोस्त की तरह व्यवहार किया। यही माहौल हर स्कूल में होना चाहिए।
विज्ञापन
अकसर नए स्कूल में प्रवेश करने को लेकर विद्यार्थी असहज महसूस करते हैं। नए माहौल में आसानी से नहीं ढल पाते हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए बच्चों को दोस्ताना माहौल देने के लिए इस तरह की पहल करना जरूरी है।
-प्रेम लाल, प्रधानाचार्य, थिरोट स्कूल

छठी कक्षा में प्रवेश पाने वाली छात्र का लाहौली परंपरा के अनुसार खतक पहनाकर स्वागत करते प्रधानाच