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Kullu News: पहाड़ में पारा चढ़ा, पिघलने लगे ग्लेशियर, नदियों का प्रवाह बढ़ा
Fri, 23 May 2025 10:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 23 May 2025 10:55 PM IST
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पार्वती घाटी के कसोल में नदी में उतरे सैलानी। स्त्रोत वीडियोग्रेब
नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रोजेक्ट के बांध से छोड़ना पड़ रहा पानी
जिले के पुलगा, निहारनी और लारजी डैम से दोगुना हुआ पानी का डिस्चार्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मई महीने में पड़ रही गर्मी से कुल्लू जिले के पहाड़ तपने लगे हैं। तापमान में इजाफा होने से ग्लेशियर पिघलने लगे हैं। ऐसे में ब्यास, पार्वती, पिन पार्वती सहित अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है।
जलस्तर बढ़ने के बाद कुल्लू में एनएचपीसी, एचपीपीसीएल, सैंज जल विद्युत, मलाणा सहित अन्य प्रोजेक्ट के डैम से पानी छोड़ना पड़ रहा है। एनएचपीसी के पार्वती- चरण दो मणिकर्ण घाटी के पुलगा डैम में वर्तमान में बांध जलाशय का स्तर लगभग एफआरएल पर है। ऐसे में शुक्रवार से रेडियल गेट के माध्यम से लगभग 50 क्यूमेक्स अतिरिक्त पानी छोड़ा जाएगा। पुलगा बांध के नीचे की ओर कुल संभावित निर्वहन लगभग 50 क्यूमेक्स होगा। इसी तरह तापमान में वृद्धि के कारण सैंज नदी का डिस्चार्ज 35 क्यूमेक्स तक बढ़ गया है। बैराज रेडियल गेटों से लगभग 5.0 क्यूमेक्स अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। 800 मेगावाट की पार्वती-चरण दो जल विद्युत परियोजना जो वर्तमान में सक्रिय है। परियोजना के सैंज पावर हाउस में मशीनों के अचानक ट्रिप होने की स्थिति में, शीलागढ़ क्षेत्र में जीवा नाला की एस्केप टनल और हुरला नाला से अचानक तेज जलप्रवाह हो सकता है। इस स्थिति में हुरला नाला से व्यास नदी तक जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
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अपील... नालों के पास न जाएं गड़सा घाटी, शीलागढ़ क्षेत्र के लोग
प्रशासन ने आम जनता एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे गड़सा घाटी और शीलागढ़ क्षेत्र में इन नालों के पास न जाएं। नाथपा बांध में आने वाला जल प्रवाह लगातार बढ़ रहा है। यहां भी रेडियल गेट के माध्यम से लगभग 50 क्यूमेक्स अतिरिक्त जल छोड़ा जाएगा।
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सुरक्षित रहें, आपात स्थिति में 1077 पर संपर्क करें : डीसी
उपायुक्त तोरुल एस रविश ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में रहने वाले सभी स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों से आग्रह किया गया है कि वे नदी के किनारों के नजदीक न जाएं, क्योंकि तेज जलप्रवाह अत्यंत खतरनाक हो सकता है। सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में कृपया जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कुल्लू से टोल फ्री नंबर 1077 पर तुरंत संपर्क करें।
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जिले के पुलगा, निहारनी और लारजी डैम से दोगुना हुआ पानी का डिस्चार्ज
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कुल्लू। मई महीने में पड़ रही गर्मी से कुल्लू जिले के पहाड़ तपने लगे हैं। तापमान में इजाफा होने से ग्लेशियर पिघलने लगे हैं। ऐसे में ब्यास, पार्वती, पिन पार्वती सहित अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है।
जलस्तर बढ़ने के बाद कुल्लू में एनएचपीसी, एचपीपीसीएल, सैंज जल विद्युत, मलाणा सहित अन्य प्रोजेक्ट के डैम से पानी छोड़ना पड़ रहा है। एनएचपीसी के पार्वती- चरण दो मणिकर्ण घाटी के पुलगा डैम में वर्तमान में बांध जलाशय का स्तर लगभग एफआरएल पर है। ऐसे में शुक्रवार से रेडियल गेट के माध्यम से लगभग 50 क्यूमेक्स अतिरिक्त पानी छोड़ा जाएगा। पुलगा बांध के नीचे की ओर कुल संभावित निर्वहन लगभग 50 क्यूमेक्स होगा। इसी तरह तापमान में वृद्धि के कारण सैंज नदी का डिस्चार्ज 35 क्यूमेक्स तक बढ़ गया है। बैराज रेडियल गेटों से लगभग 5.0 क्यूमेक्स अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। 800 मेगावाट की पार्वती-चरण दो जल विद्युत परियोजना जो वर्तमान में सक्रिय है। परियोजना के सैंज पावर हाउस में मशीनों के अचानक ट्रिप होने की स्थिति में, शीलागढ़ क्षेत्र में जीवा नाला की एस्केप टनल और हुरला नाला से अचानक तेज जलप्रवाह हो सकता है। इस स्थिति में हुरला नाला से व्यास नदी तक जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
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अपील... नालों के पास न जाएं गड़सा घाटी, शीलागढ़ क्षेत्र के लोग
प्रशासन ने आम जनता एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे गड़सा घाटी और शीलागढ़ क्षेत्र में इन नालों के पास न जाएं। नाथपा बांध में आने वाला जल प्रवाह लगातार बढ़ रहा है। यहां भी रेडियल गेट के माध्यम से लगभग 50 क्यूमेक्स अतिरिक्त जल छोड़ा जाएगा।
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सुरक्षित रहें, आपात स्थिति में 1077 पर संपर्क करें : डीसी
उपायुक्त तोरुल एस रविश ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में रहने वाले सभी स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों से आग्रह किया गया है कि वे नदी के किनारों के नजदीक न जाएं, क्योंकि तेज जलप्रवाह अत्यंत खतरनाक हो सकता है। सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में कृपया जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कुल्लू से टोल फ्री नंबर 1077 पर तुरंत संपर्क करें।