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Kullu News: कचरे का इलाज नहीं कर रहा अस्पताल... कूड़े के ढेर में थम रहीं ऑक्सीजन प्लांट की सांसें
Sun, 20 Apr 2025 10:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 20 Apr 2025 10:26 PM IST
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कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में लाखों रूपये के जनेटर पर डप किया दिया कचरा।-संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मंडी, चंबा और लाहौल स्पीति जिले के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाला क्षेत्रीय अस्पताल खुद बीमार लग रहा है। ऑक्सीजन की पूर्ति कर लाखों मरीजों को नई जिंदगी देने वाले इस अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट की सांसें उखड़ रही हैं।
अस्पताल से हर दिन निकलने वाले कूड़े-कचरे के लिफाफों के ढेर ऑक्सीजन प्लांट के आसपास और जेनरेटर के ऊपर रखे जा रहे हैं। टनों के हिसाब से यहां कचरा जमा है। अस्पताल से रोजाना 450 से 500 किलोग्राम ठोस कचरा निकलता है। इसे यहीं ठिकाने लगाया जा रहा है, लेकिन अस्पताल के पास इसका कोई इलाज नहीं।
अस्पताल परिसर में ही कूड़ा डंप करने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं, कचरे के भार के नीचे दबने से जेनरेटर भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। अस्पताल में तीन तरह का कूड़ा निकलता है। इसमें मेडिकल वेस्ट, गीला और ठोस कूड़ा शामिल है। मेडिकल वेस्ट को देहरा भेजा जाता है जबकि गीले कूड़े का निष्पादन नगर परिषद कुल्लू के साथ मिलकर किया जा रहा है। लेकिन ठोस कूड़ा मनाली के रांगड़ी न जाने से समस्या खड़ी हो गई है। पहले कूड़े को निष्पादन के लिए रांगड़ी कूड़ा संयंत्र केंद्र भेजा जाता था, लेकिन नगर परिषद मनाली के कूड़ा न लेने के फरमान के बाद इसका निष्पादन करना अस्पताल प्रबंधन के लिए समस्या बन गया है।
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सात माह से पूरा नहीं हुआ शौचालयों का काम
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के नए भवन में शौचालयों की मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन सात माह से यह पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को पेश आ रही है, जो बुजुर्ग हैं या चलने-फिरने में असमर्थ हैं। चिकित्सक के यूरिन टेस्ट के लिए परामर्श के बाद मरीजों को सैंपल भरने के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पताल के नए भवन में दस ओपीडी हैं। इनमें मेडिसिन, कीमो, स्कीन, पुरुष जनरल, महिला जनरल, नेत्र रोग, सर्जरी, दंत रोग, हड्डी रोग, ईएनटी शामिल हैं। पंजीकरण काउंटर, सरकारी प्रयोगशाला, ब्लड बैंक भी इसी भवन में हैं।
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अस्पताल प्रबंधन कूड़ा निष्पादन संबंधी समस्या का हल खोज रहा है। ऑक्सीजन प्लांट के आसपास जो कूड़ा है, इसको हटाया जाएगा। अस्पताल के नए भवन में शौचालयों की मरम्मत का काम चल रहा है। पुराने भवन में शौचालय की सुविधा है। - डॉ. एनआर पवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मंडी, चंबा और लाहौल स्पीति जिले के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाला क्षेत्रीय अस्पताल खुद बीमार लग रहा है। ऑक्सीजन की पूर्ति कर लाखों मरीजों को नई जिंदगी देने वाले इस अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट की सांसें उखड़ रही हैं।
अस्पताल से हर दिन निकलने वाले कूड़े-कचरे के लिफाफों के ढेर ऑक्सीजन प्लांट के आसपास और जेनरेटर के ऊपर रखे जा रहे हैं। टनों के हिसाब से यहां कचरा जमा है। अस्पताल से रोजाना 450 से 500 किलोग्राम ठोस कचरा निकलता है। इसे यहीं ठिकाने लगाया जा रहा है, लेकिन अस्पताल के पास इसका कोई इलाज नहीं।
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अस्पताल परिसर में ही कूड़ा डंप करने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं, कचरे के भार के नीचे दबने से जेनरेटर भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। अस्पताल में तीन तरह का कूड़ा निकलता है। इसमें मेडिकल वेस्ट, गीला और ठोस कूड़ा शामिल है। मेडिकल वेस्ट को देहरा भेजा जाता है जबकि गीले कूड़े का निष्पादन नगर परिषद कुल्लू के साथ मिलकर किया जा रहा है। लेकिन ठोस कूड़ा मनाली के रांगड़ी न जाने से समस्या खड़ी हो गई है। पहले कूड़े को निष्पादन के लिए रांगड़ी कूड़ा संयंत्र केंद्र भेजा जाता था, लेकिन नगर परिषद मनाली के कूड़ा न लेने के फरमान के बाद इसका निष्पादन करना अस्पताल प्रबंधन के लिए समस्या बन गया है।
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सात माह से पूरा नहीं हुआ शौचालयों का काम
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के नए भवन में शौचालयों की मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन सात माह से यह पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को पेश आ रही है, जो बुजुर्ग हैं या चलने-फिरने में असमर्थ हैं। चिकित्सक के यूरिन टेस्ट के लिए परामर्श के बाद मरीजों को सैंपल भरने के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पताल के नए भवन में दस ओपीडी हैं। इनमें मेडिसिन, कीमो, स्कीन, पुरुष जनरल, महिला जनरल, नेत्र रोग, सर्जरी, दंत रोग, हड्डी रोग, ईएनटी शामिल हैं। पंजीकरण काउंटर, सरकारी प्रयोगशाला, ब्लड बैंक भी इसी भवन में हैं।
अस्पताल प्रबंधन कूड़ा निष्पादन संबंधी समस्या का हल खोज रहा है। ऑक्सीजन प्लांट के आसपास जो कूड़ा है, इसको हटाया जाएगा। अस्पताल के नए भवन में शौचालयों की मरम्मत का काम चल रहा है। पुराने भवन में शौचालय की सुविधा है। - डॉ. एनआर पवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी