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बारिश से जिला में ग्रामीण क्षेत्रों की दस सड़कें प्रभावित
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कुल्लू। जिले में शुक्रवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कई जगहों पर भूस्खलन से सड़कें और पैदल रास्ते बाधित हो गए हैं। वहीं, सुबह के समय हुई जोरदार बारिश से जिला मुख्यालय की सड़कें भी तालाब बन गईं। बारिश के बाद ब्यास और पार्वती समेत घाटी के नदी- नालों का जलस्तर उफान पर है।
प्रशासन ने पर्यटकों और आम लोगों को नदी-नालों के किनारे और संवदेनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है। शुक्रवार सुबह करीब चार से पांच घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से जिला कुल्लू में दस से अधिक बस रूटों पर बसें गंतव्य तक नहीं जा सकीं। हालांकि मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी के बाद एचआरटीसी ने भी भूस्खलन वाले संवेदनशील रूटों में निगम की बसों को गंतव्य तक न ले जाने की हिदायत दी है।
हाईवे-305 पर भी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा कुल्लू-मनाली हाईवे-तीन तथा भुंतर-मणिकर्ण कुल्लू से लगघाटी को जोड़ने वाली सड़कों पर लोगों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। मणिकर्ण से मलाणा, बागीपुल से बागा सराहन और लाहौल की चोखंग-नैनगाहर सड़कें वाहनों के लिए पूरी तरह से ठप हो गई हैं। लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। वहीं, करशाला, जुहड़ तथा लोट बस सेवा भी बरसात में हांफने लगी है। हालांकि अभी बरसात का आगाज हुआ है, ऐसे में आने वाले समय में हालात और भी खराब हो सकते हैं। इससे घाटी के किसानों-बागवानों को अपने उत्पाद को मंडियों में पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। पार्वती घाटी में बाढ़ आने से सात बिजली के ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं और लोग अंधेरे में रातें गुजार रहे हैं। अड्डा प्रभारी टेक चंद ने कहा कि निगम की बसों के चालकों और परिचालकों को लोगों और बसों की सुरक्षा को देखते हुए बसों को सुरक्षित जगहों तक ही ले जाने की हिदायत दी गई है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुल्लू प्रशांत सरकैक ने कहा कि मौसम विज्ञान केंद्र ने जिले में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में सैलानी नदी-नालों की आरे न जाएं। उन्होंने कहा कि जो सड़कें, बिजली और पेजजल की स्कीमें प्रभावित हुई हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।
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प्रशासन ने पर्यटकों और आम लोगों को नदी-नालों के किनारे और संवदेनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है। शुक्रवार सुबह करीब चार से पांच घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से जिला कुल्लू में दस से अधिक बस रूटों पर बसें गंतव्य तक नहीं जा सकीं। हालांकि मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी के बाद एचआरटीसी ने भी भूस्खलन वाले संवेदनशील रूटों में निगम की बसों को गंतव्य तक न ले जाने की हिदायत दी है।
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हाईवे-305 पर भी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा कुल्लू-मनाली हाईवे-तीन तथा भुंतर-मणिकर्ण कुल्लू से लगघाटी को जोड़ने वाली सड़कों पर लोगों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। मणिकर्ण से मलाणा, बागीपुल से बागा सराहन और लाहौल की चोखंग-नैनगाहर सड़कें वाहनों के लिए पूरी तरह से ठप हो गई हैं। लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। वहीं, करशाला, जुहड़ तथा लोट बस सेवा भी बरसात में हांफने लगी है। हालांकि अभी बरसात का आगाज हुआ है, ऐसे में आने वाले समय में हालात और भी खराब हो सकते हैं। इससे घाटी के किसानों-बागवानों को अपने उत्पाद को मंडियों में पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। पार्वती घाटी में बाढ़ आने से सात बिजली के ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं और लोग अंधेरे में रातें गुजार रहे हैं। अड्डा प्रभारी टेक चंद ने कहा कि निगम की बसों के चालकों और परिचालकों को लोगों और बसों की सुरक्षा को देखते हुए बसों को सुरक्षित जगहों तक ही ले जाने की हिदायत दी गई है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुल्लू प्रशांत सरकैक ने कहा कि मौसम विज्ञान केंद्र ने जिले में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में सैलानी नदी-नालों की आरे न जाएं। उन्होंने कहा कि जो सड़कें, बिजली और पेजजल की स्कीमें प्रभावित हुई हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।
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