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एक माह में सिमट गया समर सीजन
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कुल्लू। जिला कुल्लू के होटल व होमस्टे अब खाली होने लगे हैं। पर्यटकों की भीड़ मनाली के साथ मणिकर्ण, तीर्थन व जिभी में कम हो गई है। मनाली का समर सीजन जून के दूसरे सप्ताह से शुरू हुआ था। लेकिन यह लंबा नहीं चल पाया और एक माह के भीतर ही सिमट गया है। मनाली में होटलों की ऑक्यूपेंसी महज 25 फीसदी तक रह गई है। अब ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं हो रही है।
पर्यटन कारोबारियों को देरी से शुरू हुए पर्यटन सीजन के 15 अगस्त तक चलने की उम्मीद थी। बरसात के मौसम ने पर्यटन को बड़ा झटका दिया है। वीकेंड में कुल्लू-मनाली में होटलों की आक्ॅयूपेंसी में भारी कमी आई है। पिछले सप्ताह मनाली में करीब 2400 पर्यटक वाहनों ने प्रवेश किया था। इस बार शुक्रवार को मात्र 800 वाहन ही मनाली पहुंचे हैं। 200 वाहन मणिकर्ण, तीर्थन व जिभी वैली पहुंचे हैं। जानकारी के अनुसार पिछले वीकेंड को जिला भर में करीब 3000 पर्यटक वाहन पहुंचे थे। इस हफ्ते में यह आंकड़ा मात्र 1000 तक रह गया है। जिन होटलों में पिछले सप्ताह सैलानियों की चहल-पहल से रौनक बनी हुई थी, वहां अब सन्नाटा पसर गया है। इसका असर जिले के पर्यटन स्थल सोलंगनाला, रोहतांग दर्रा, मढ़ी, अटल टनल रोहतांग, गुलाबा, मणिकर्ण, खीरगंगा, कसोल, तीर्थन, जिभी, सोझा, जलोड़ी दर्रा, बाहू तथा रघुपुरगढ़ में सैर सपाटे को पहुंच रहे पर्यटकों में भारी कमी आई है। जलोड़ी दर्रा में व्यवसाय करने वाले दिनेश, प्रताप सिंह, हरि सिंह तथा निका राम ने कहा कि अब पर्यटकों की भीड़ छंट गई है। इसका असर कारोबार भी पड़ गया है। तीर्थन वैली होटल एसोसिएशन के प्रधान वरुण भारती ने कहा कि होटलों की ऑक्यूपेंसी में 50 फीसदी तक कमी आ गई है। होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि पर्यटकों की कमी का सबसे ज्यादा नुकसान मनाली को हुआ है। बरसात की वजह से सैलानियों ने मनाली आना कम कर दिया है। मनाली में ऑक्यूपेंसी 25 फीसदी तक रह गई है।
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पर्यटन कारोबारियों को देरी से शुरू हुए पर्यटन सीजन के 15 अगस्त तक चलने की उम्मीद थी। बरसात के मौसम ने पर्यटन को बड़ा झटका दिया है। वीकेंड में कुल्लू-मनाली में होटलों की आक्ॅयूपेंसी में भारी कमी आई है। पिछले सप्ताह मनाली में करीब 2400 पर्यटक वाहनों ने प्रवेश किया था। इस बार शुक्रवार को मात्र 800 वाहन ही मनाली पहुंचे हैं। 200 वाहन मणिकर्ण, तीर्थन व जिभी वैली पहुंचे हैं। जानकारी के अनुसार पिछले वीकेंड को जिला भर में करीब 3000 पर्यटक वाहन पहुंचे थे। इस हफ्ते में यह आंकड़ा मात्र 1000 तक रह गया है। जिन होटलों में पिछले सप्ताह सैलानियों की चहल-पहल से रौनक बनी हुई थी, वहां अब सन्नाटा पसर गया है। इसका असर जिले के पर्यटन स्थल सोलंगनाला, रोहतांग दर्रा, मढ़ी, अटल टनल रोहतांग, गुलाबा, मणिकर्ण, खीरगंगा, कसोल, तीर्थन, जिभी, सोझा, जलोड़ी दर्रा, बाहू तथा रघुपुरगढ़ में सैर सपाटे को पहुंच रहे पर्यटकों में भारी कमी आई है। जलोड़ी दर्रा में व्यवसाय करने वाले दिनेश, प्रताप सिंह, हरि सिंह तथा निका राम ने कहा कि अब पर्यटकों की भीड़ छंट गई है। इसका असर कारोबार भी पड़ गया है। तीर्थन वैली होटल एसोसिएशन के प्रधान वरुण भारती ने कहा कि होटलों की ऑक्यूपेंसी में 50 फीसदी तक कमी आ गई है। होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि पर्यटकों की कमी का सबसे ज्यादा नुकसान मनाली को हुआ है। बरसात की वजह से सैलानियों ने मनाली आना कम कर दिया है। मनाली में ऑक्यूपेंसी 25 फीसदी तक रह गई है।
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