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Kullu News: श्रीमद्भागवत कथा में सुनाईं श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं
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मनाली के शूरू गांव में कथावाचन शशांक कृष्ण कौशल ने किए प्रवचन
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली (कुल्लू)। शूरू गांव में श्री मद्भागवत कथा में सोमवार को कथा वाचक शशांक कृष्ण कौशल ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के पैदा होने के बाद कंस उन्हें मौत के घाट उतारने के लिए अपनी राज्य की बलवान राक्षसी पूतना को भेजता है। भगवान श्रीकृष्ण पूतना को मौत के घाट उतार देते हैं।
उसके बाद कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन का कार्यक्रम करने की तैयारी करते हैं। भगवान कृष्ण उन्हें भगवान इंद्र का पूजन करने से मना करते हुए गोवर्धन महाराज का पूजन करने की बात कहते हैं। इंद्र भगवान उन बातों को सुनकर क्रोधित हो जाते हैं और भारी बारिश करते हैं। इसे देखकर समस्त ब्रजवासी परेशान हो जाते हैं।
ऐसे में श्रीकृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर उठाकर पूरे नगरवासियों को पर्वत के नीचे बुला लेते हैं। इससे हार कर इंद्र एक सप्ताह के बाद बारिश बंद कर देते हैं। इस दौरान सिरमौर के भजन गायक सौरभ अत्री की टीम ने भजन गाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। आयोजन समिति में माता शरवरी के पुजारी धर्म चंद शर्मा, टिकम राम शर्मा, चुनी लाल शर्मा और बुद्ध राम शर्मा ने बताया कि 17 जुलाई को शांति होम एवं पूर्णाहुति होगी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली (कुल्लू)। शूरू गांव में श्री मद्भागवत कथा में सोमवार को कथा वाचक शशांक कृष्ण कौशल ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के पैदा होने के बाद कंस उन्हें मौत के घाट उतारने के लिए अपनी राज्य की बलवान राक्षसी पूतना को भेजता है। भगवान श्रीकृष्ण पूतना को मौत के घाट उतार देते हैं।
उसके बाद कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन का कार्यक्रम करने की तैयारी करते हैं। भगवान कृष्ण उन्हें भगवान इंद्र का पूजन करने से मना करते हुए गोवर्धन महाराज का पूजन करने की बात कहते हैं। इंद्र भगवान उन बातों को सुनकर क्रोधित हो जाते हैं और भारी बारिश करते हैं। इसे देखकर समस्त ब्रजवासी परेशान हो जाते हैं।
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ऐसे में श्रीकृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर उठाकर पूरे नगरवासियों को पर्वत के नीचे बुला लेते हैं। इससे हार कर इंद्र एक सप्ताह के बाद बारिश बंद कर देते हैं। इस दौरान सिरमौर के भजन गायक सौरभ अत्री की टीम ने भजन गाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। आयोजन समिति में माता शरवरी के पुजारी धर्म चंद शर्मा, टिकम राम शर्मा, चुनी लाल शर्मा और बुद्ध राम शर्मा ने बताया कि 17 जुलाई को शांति होम एवं पूर्णाहुति होगी। संवाद
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