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Kullu News: दशहरा उत्सव के लिए खलोगी के चुनिंदा लोग तैयार करते हैं देवरथ
Wed, 30 Jul 2025 10:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 30 Jul 2025 10:54 PM IST
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भगवान रघुनाथ के रथ के वस्त्र सिलाने का कार्य करते हुए सूबे राम। संवाद
पीढि़यों से कर रहे रथ को सजाने से लेकर सजावट उतारने तक का काम
चुनिंदा लोग दशहरा और बसंतोत्सव में अलग अलग लुक में नजर आएगा रथ
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। दशहरा और बसंतोत्सव पर भगवान रघुनाथ का रथ अलग लुक में नजर आएगा। नए वस्त्र दशहरा उत्सव के दौरान रथ में लगाए जाएंगे जबकि पहले से मौजूद वस्त्रों को बसंतोत्सव के दौरान लगाया जाएगा।
ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में होने वाले दो बड़े आयोजनों में भगवान रघुनाथ का रथ अलग लुक में नजर आएगा। खास बात यह है कि रथ को सजाने से लेकर सजावट को उतारने तक का सारा काम महाराजा कोटी के खलोगी से ताल्लुक रखने वाले चुनिंदा लोगों के पास होता है। वे पीढ़ी दर पीढ़ी यह परंपरा निभा रहे हैं। खलोगी निवासी मोहर सिंह ठाकुर ने कहा कि रथ को सजाने का पूरा कार्य वे करते हैं। वस्त्र और चांदी के आभूषणों को रघुनाथपुर मंदिर में भी पहुंचाया जाता है। उनका कहना है कि पहले उनके पूर्वज यह परंपरा निभाई है। अब वे निभा रहे हैं।
रघुनाथ रथ के वस्त्र सिलाने का कार्य भी विशेष खानदान के लोगों को दिया जाता है। जब तक उनका हाथ नहीं लगता, तब तक कार्य शुरू नहीं होता। अकसर देवी-देवताओं के वस्त्र और अन्य कपड़े सिलाने के लिए चुनिंदा लोगों को ही चयनित किया जाता है। रथ के वस्त्र बना रहे सूबे राम भी रघुनाथ के साथ जमदग्नि ऋषि के वस्त्र सिलने का कार्य करते हैं।
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-- रथ को तैयार करने से लेकर नया रथ बनाने के लिए लोग चिह्नित होते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। वे इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं। हर साल दशहरा उत्सव हो या फिर बसंतोत्सव हो रथ को तैयार करने की जिम्मेदारी खलोगी के कुछ लोगों पर होती है।
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चुनिंदा लोग दशहरा और बसंतोत्सव में अलग अलग लुक में नजर आएगा रथ
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। दशहरा और बसंतोत्सव पर भगवान रघुनाथ का रथ अलग लुक में नजर आएगा। नए वस्त्र दशहरा उत्सव के दौरान रथ में लगाए जाएंगे जबकि पहले से मौजूद वस्त्रों को बसंतोत्सव के दौरान लगाया जाएगा।
ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में होने वाले दो बड़े आयोजनों में भगवान रघुनाथ का रथ अलग लुक में नजर आएगा। खास बात यह है कि रथ को सजाने से लेकर सजावट को उतारने तक का सारा काम महाराजा कोटी के खलोगी से ताल्लुक रखने वाले चुनिंदा लोगों के पास होता है। वे पीढ़ी दर पीढ़ी यह परंपरा निभा रहे हैं। खलोगी निवासी मोहर सिंह ठाकुर ने कहा कि रथ को सजाने का पूरा कार्य वे करते हैं। वस्त्र और चांदी के आभूषणों को रघुनाथपुर मंदिर में भी पहुंचाया जाता है। उनका कहना है कि पहले उनके पूर्वज यह परंपरा निभाई है। अब वे निभा रहे हैं।
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रघुनाथ रथ के वस्त्र सिलाने का कार्य भी विशेष खानदान के लोगों को दिया जाता है। जब तक उनका हाथ नहीं लगता, तब तक कार्य शुरू नहीं होता। अकसर देवी-देवताओं के वस्त्र और अन्य कपड़े सिलाने के लिए चुनिंदा लोगों को ही चयनित किया जाता है। रथ के वस्त्र बना रहे सूबे राम भी रघुनाथ के साथ जमदग्नि ऋषि के वस्त्र सिलने का कार्य करते हैं।
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