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सड़क पर उतरी सैंज संघर्ष समिति
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संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज (कुल्लू)। मिनी सचिवालय खोलने की मांग को लेकर सोमवार को सैंज संघर्ष समिति ने धरना-प्रदर्शन किया। सैकड़ों लोगों ने टैक्सी स्टैंड से बाजार होते हुए रैली निकाली और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद नायब तहसीलदार सैंज के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजा गया।
मांग की गई कि उप तहसील सैंज में मिनी सचिवालय खोला जाए। इससे सैंज की जनता को बंजार और जिला मुख्यालय कुल्लू के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दुर्गम क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए सरकार और जिला प्रशासन पहल करें। समिति के अध्यक्ष महेश शर्मा ने कहा कि समिति कई सालों से घाटी की मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है।
उन्होंने कहा कि सैंज घाटी में स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले सीएचसी में स्टाफ की कमी है। अटल विद्यालय और आईटीआई भवन का कार्य सरकार शुरू नहीं कर पाई है। इससे विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा से वंचित हैं। एनएचपीसी और एचपीपीसीएल के कई मुद्दे लंबित हैं। इस कारण प्रभावितों को परेशानियां हो रही हैं। घाटी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में काम नहीं हो पाए हैं। उधर, उपाध्यक्ष नारायण सिंह चौहान ने कहा कि घाटी वासियों के साथ सरकार भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है। सैंज बस अड्डा बनाने और सब्जी मंडी के निर्माण के मुद्दे भी ठंडे बस्ते में हैं। इस दौरान शेर सिंह नेगी, गोविंद सिंह ठाकुर, मोतीराम पालसरा, रवि, मोतीराम कटवाल, सुरेश कुमार, इंद्र सिंह, राज कुमार, मीरा देवी, महेंद्र किशन, यशवंत, पवन ठाकुर, गविश, नरेश, बलदेव, रोहित, बीजू, अंशुल, ध्यान सिंह, गंगा सिंह, दुर्गा सिंह, खेबाराम और अशोक कुमार उपस्थित रहे।
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सैंज (कुल्लू)। मिनी सचिवालय खोलने की मांग को लेकर सोमवार को सैंज संघर्ष समिति ने धरना-प्रदर्शन किया। सैकड़ों लोगों ने टैक्सी स्टैंड से बाजार होते हुए रैली निकाली और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद नायब तहसीलदार सैंज के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजा गया।
मांग की गई कि उप तहसील सैंज में मिनी सचिवालय खोला जाए। इससे सैंज की जनता को बंजार और जिला मुख्यालय कुल्लू के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दुर्गम क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए सरकार और जिला प्रशासन पहल करें। समिति के अध्यक्ष महेश शर्मा ने कहा कि समिति कई सालों से घाटी की मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है।
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उन्होंने कहा कि सैंज घाटी में स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले सीएचसी में स्टाफ की कमी है। अटल विद्यालय और आईटीआई भवन का कार्य सरकार शुरू नहीं कर पाई है। इससे विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा से वंचित हैं। एनएचपीसी और एचपीपीसीएल के कई मुद्दे लंबित हैं। इस कारण प्रभावितों को परेशानियां हो रही हैं। घाटी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में काम नहीं हो पाए हैं। उधर, उपाध्यक्ष नारायण सिंह चौहान ने कहा कि घाटी वासियों के साथ सरकार भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है। सैंज बस अड्डा बनाने और सब्जी मंडी के निर्माण के मुद्दे भी ठंडे बस्ते में हैं। इस दौरान शेर सिंह नेगी, गोविंद सिंह ठाकुर, मोतीराम पालसरा, रवि, मोतीराम कटवाल, सुरेश कुमार, इंद्र सिंह, राज कुमार, मीरा देवी, महेंद्र किशन, यशवंत, पवन ठाकुर, गविश, नरेश, बलदेव, रोहित, बीजू, अंशुल, ध्यान सिंह, गंगा सिंह, दुर्गा सिंह, खेबाराम और अशोक कुमार उपस्थित रहे।
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