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Kullu News: देव परंपरा के अनुसार मनाया पुंडरीक ऋषि का हूम पर्व
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दलोगी झील में देवता ने किया शाही स्नान, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज (कुल्लू)। सैंज घाटी के आराध्य देवता पुंडरीक ऋषि का हूम पर्व देव परंपरा और विधि-विधान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देवता पूरे लाव-लश्कर और हारियानों के साथ मंदिर से बाहर निकले। हजारों श्रद्धालुओं ने देवता के दर्शन कर सुख-समृद्धि, सुख-शांति और निरोगी जीवन का आशीर्वाद मांगा।
हूम पर्व से पहले देवता के कारकूनों ने एक सप्ताह तक व्रत रखा। देवता के मंदिर से बाहर निकलते ही हारियानों और दूरदराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने फूलमालाएं अर्पित कर पूजा-अर्चना की। कथेऊगी गांव के धूप-धनेरियों ने भी पारंपरिक विधि-विधान से धूप-पूजा कर देवता का आशीर्वाद लिया।
इसके बाद देवता पुंडरीक ऋषि अपने मूल स्थान दलोगी झील की ओर रवाना हुए। सराहन गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ देवता का स्वागत किया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में एकता, भाईचारे और सुख-शांति बनाए रखने का आशीर्वाद मांगा। सराहन से आगे दलोगी सौर पहुंचने पर सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में देवता ने दलोगी झील में शाही स्नान किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने देवता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। यह स्थान पुंडरीक झील और दलोगी सर के नाम से भी जाना जाता है।
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देवता पुंडरीक ऋषि के गूर किशोरी लाल ठाकुर ने बताया कि हूम पर्व के संपन्न होने के बाद अब करटाह-रुहणी मेला शुरू होगा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी देवता के सभी मेले पारंपरिक रीति-रिवाजों और धूमधाम के साथ मनाए जाएंगे। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज (कुल्लू)। सैंज घाटी के आराध्य देवता पुंडरीक ऋषि का हूम पर्व देव परंपरा और विधि-विधान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देवता पूरे लाव-लश्कर और हारियानों के साथ मंदिर से बाहर निकले। हजारों श्रद्धालुओं ने देवता के दर्शन कर सुख-समृद्धि, सुख-शांति और निरोगी जीवन का आशीर्वाद मांगा।
हूम पर्व से पहले देवता के कारकूनों ने एक सप्ताह तक व्रत रखा। देवता के मंदिर से बाहर निकलते ही हारियानों और दूरदराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने फूलमालाएं अर्पित कर पूजा-अर्चना की। कथेऊगी गांव के धूप-धनेरियों ने भी पारंपरिक विधि-विधान से धूप-पूजा कर देवता का आशीर्वाद लिया।
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इसके बाद देवता पुंडरीक ऋषि अपने मूल स्थान दलोगी झील की ओर रवाना हुए। सराहन गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ देवता का स्वागत किया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में एकता, भाईचारे और सुख-शांति बनाए रखने का आशीर्वाद मांगा। सराहन से आगे दलोगी सौर पहुंचने पर सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में देवता ने दलोगी झील में शाही स्नान किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने देवता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। यह स्थान पुंडरीक झील और दलोगी सर के नाम से भी जाना जाता है।
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देवता पुंडरीक ऋषि के गूर किशोरी लाल ठाकुर ने बताया कि हूम पर्व के संपन्न होने के बाद अब करटाह-रुहणी मेला शुरू होगा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी देवता के सभी मेले पारंपरिक रीति-रिवाजों और धूमधाम के साथ मनाए जाएंगे। संवाद