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सब्जी मंडियों में रॉयल सेब ने दी दस्तक
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कुल्लू। एक सप्ताह बाद बारिश का क्रम रुकने के बाद अब बागवानों ने सेब का तुड़ान शुरू कर दिया है। कुल्लू की सब्जी मंडियों में रॉयल सेब ने दस्तक दे दी है। सब्जी मंडी बंदरोल में रविवार को रॉयल सेब 83 रुपये प्रति किलो बिका है। शुरूआती दौर में सेब के उम्दा दाम मिलने से बागवान गदगद हैं।
पिछले दिनों हुई बारिश के चलते सेब व नाशपाती के दामों में गिरावट आई है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह तक बारिश के चलते सड़कें आदि बाधित नहीं होती तो सेब के दाम 100 के पार भी हो सकते थे। लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश से जहां बागवानों का तुड़ान प्रभावित हुआ, वहीं व्यापारी भी सेब को अधिक नहीं खरीद पाए। जिले की सब्जी मंडियों में शनिवार को कारोबार बंद रहा। लेकिन रविवार को सब्जी मंडी बंदरोल, सब्जी मंडी भुंतर सहित अन्य मंडियों में रॉयल सेब आया। बारिश के चलते अब सेब में काफी रंग आ गया है। रंगदार सेब की बाजार में अच्छी मांग है। इसे व्यापारी भी हाथोंहाथ खरीद रहे हैं। बागवान ओम ठाकुर, मोहर सिंह और रविंद्र ने कहा कि खराब मौसम के चलते उन्होंने तुड़ान देरी से किया। लेकिन उन्हें रॉयल सेब के 83 रुपये प्रति किलो तक दाम मिले हैं। कोरोना के बीच सेब के इतने दाम मिलने से बागवानों ने राहत की सांस है। बागवानों को खराब सड़कों के चलते अपने उत्पाद मंडियों तक पहुंचाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन व विभाग को सड़कों की दशा सुधारनी चाहिए, जिससे बागवानों के उत्पाद मंडियों तक पहुंचने से पहले दागी न हो। बंदरोल सब्जी मंडी में आढ़ती यूनियन के अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने कहा कि अब रॉयल सेब मंडियों में आने लगा है। इसके अलावा आने वाले दिनों में मंडियों में सेब की खेप में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि बागवानों को सेब के बेहतर दाम मिल रहे हैं। बाहरी राज्यों के व्यापारी रंगदार सेब को हाथोंहाथ खरीद रहे हैं।
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पिछले दिनों हुई बारिश के चलते सेब व नाशपाती के दामों में गिरावट आई है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह तक बारिश के चलते सड़कें आदि बाधित नहीं होती तो सेब के दाम 100 के पार भी हो सकते थे। लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश से जहां बागवानों का तुड़ान प्रभावित हुआ, वहीं व्यापारी भी सेब को अधिक नहीं खरीद पाए। जिले की सब्जी मंडियों में शनिवार को कारोबार बंद रहा। लेकिन रविवार को सब्जी मंडी बंदरोल, सब्जी मंडी भुंतर सहित अन्य मंडियों में रॉयल सेब आया। बारिश के चलते अब सेब में काफी रंग आ गया है। रंगदार सेब की बाजार में अच्छी मांग है। इसे व्यापारी भी हाथोंहाथ खरीद रहे हैं। बागवान ओम ठाकुर, मोहर सिंह और रविंद्र ने कहा कि खराब मौसम के चलते उन्होंने तुड़ान देरी से किया। लेकिन उन्हें रॉयल सेब के 83 रुपये प्रति किलो तक दाम मिले हैं। कोरोना के बीच सेब के इतने दाम मिलने से बागवानों ने राहत की सांस है। बागवानों को खराब सड़कों के चलते अपने उत्पाद मंडियों तक पहुंचाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन व विभाग को सड़कों की दशा सुधारनी चाहिए, जिससे बागवानों के उत्पाद मंडियों तक पहुंचने से पहले दागी न हो। बंदरोल सब्जी मंडी में आढ़ती यूनियन के अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने कहा कि अब रॉयल सेब मंडियों में आने लगा है। इसके अलावा आने वाले दिनों में मंडियों में सेब की खेप में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि बागवानों को सेब के बेहतर दाम मिल रहे हैं। बाहरी राज्यों के व्यापारी रंगदार सेब को हाथोंहाथ खरीद रहे हैं।
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