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गाड़ापारली पंचायत के पैदल रास्ते, पुल क्षतिग्रस्त
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गाड़ापारली पंचायत में रास्ते क्षतिग्रस्त होने पर जान हथेली पर रखकर पत्थरों के बीच जाते लोग।
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सैंज (कुल्लू)। भारी बारिश से ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के अंतर्गत ग्राम पंचायत गाड़ापारली के ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। बारिश से पंचायत के अधिकतर पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोगों को एक से दूसरे गांव तक जाने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।
सड़क सुविधा से महरूम इस पंचायत को पैदल रास्ते ही बाहरी दुनिया से जोड़ते है। हाल ही में भारी बारिश से लोगों की नगदी फसलें बर्बाद हो गई हैं। पंचायत को बाहरी दुनिया से जोड़ने वाले रास्तों पर भूस्खलन हुआ है। निहारनी से मैल गांव तक जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। लेकिन प्रशासन और पार्क प्रबंधन ने उन रास्तों का मौका तक नहीं किया है। वार्ड सदस्य रमेश, ग्रामीण चेत राम, धर्मपाल, छापेराम, जीतराम, यान सिंह, किशोरी लाल, मेहर सिंह, बिशन दास, देवराज ने कहा कि मैल, शाक्टी, मरोड़, शुगाड़ गांव में फसलों के साथ रास्ते क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई पैदल पूल टूट गए हैं। बच्चों, बजुर्गों और बीमारों को यहां से आने-जाने दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में रास्तों की मरम्मत की जिम्मेदारी पार्क प्रबंधन की है। लेकिन पार्क का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी एक सप्ताह से इस इलाके में नहीं आया है।
रास्ते किए जाएंगे दुरुस्त : अजीत
एसडीएम बंजार हेमचंद वर्मा ने कहा कि क्षेत्र के पटवारी को क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क शमशी के अरण्यपाल अजीत ठाकुर ने कहा कि बरसात के बाद पार्क के भीतर के सभी क्षतिग्रस्त रास्तों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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सड़क सुविधा से महरूम इस पंचायत को पैदल रास्ते ही बाहरी दुनिया से जोड़ते है। हाल ही में भारी बारिश से लोगों की नगदी फसलें बर्बाद हो गई हैं। पंचायत को बाहरी दुनिया से जोड़ने वाले रास्तों पर भूस्खलन हुआ है। निहारनी से मैल गांव तक जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। लेकिन प्रशासन और पार्क प्रबंधन ने उन रास्तों का मौका तक नहीं किया है। वार्ड सदस्य रमेश, ग्रामीण चेत राम, धर्मपाल, छापेराम, जीतराम, यान सिंह, किशोरी लाल, मेहर सिंह, बिशन दास, देवराज ने कहा कि मैल, शाक्टी, मरोड़, शुगाड़ गांव में फसलों के साथ रास्ते क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई पैदल पूल टूट गए हैं। बच्चों, बजुर्गों और बीमारों को यहां से आने-जाने दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में रास्तों की मरम्मत की जिम्मेदारी पार्क प्रबंधन की है। लेकिन पार्क का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी एक सप्ताह से इस इलाके में नहीं आया है।
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रास्ते किए जाएंगे दुरुस्त : अजीत
एसडीएम बंजार हेमचंद वर्मा ने कहा कि क्षेत्र के पटवारी को क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क शमशी के अरण्यपाल अजीत ठाकुर ने कहा कि बरसात के बाद पार्क के भीतर के सभी क्षतिग्रस्त रास्तों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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