{"_id":"68d57da74466d9a8f506b716","slug":"roads-are-broken-the-system-is-broken-the-wheels-of-hrtc-are-running-in-losses-kullu-news-c-89-1-ssml1015-157872-2025-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: सड़कें टूटीं, सिस्टम बैठा… घाटे में घूम रहे एचआरटीसी के पहिये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: सड़कें टूटीं, सिस्टम बैठा… घाटे में घूम रहे एचआरटीसी के पहिये
Thu, 25 Sep 2025 11:07 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 25 Sep 2025 11:07 PM IST
सार
कुल्लू स्थित एचआरटीसी डिपो को किरतपुर-मनाली हाईवे और ग्रामीण सड़कों की बदहाली के कारण रोजाना 12 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। डेढ़ महीने में निगम को करीब पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
विस्तार
परिवहन निगम के कमाऊ पूत रहे कुल्लू डिपो को हर दिन लग रही 12 लाख की चपत
किरतपुर-मनाली एनएच, सड़कों की बदहाली से डेढ़ महीने में हुई पांच कराेड़ की क्षति
सड़कें अवरुद्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी सेवाएं ठप, ठप हैं 150 से ज्यादा लोकल रूट
राजीव नैय्यर
कुल्लू। कभी शिमला के बाद सबसे ज्यादा कमाई करने वाला एचआरटीसी का कुल्लू डिपो अब घाटे की कहानी बन चुका है।बारिश ने सड़कें छीनीं और सिस्टम ने समाधान।
किरतपुर-मनाली नेशनल हाईवे की बदहाली ने एचआरटीसी को ऐसा झटका दिया कि अब हर दिन 12 लाख की कमाई नहीं, बल्कि नुकसान हो रहा है। मनाली से दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू तक चलने वाली वोल्वो और एसी बसें कटौती की मार झेल रही हैं। ग्रामीण रूटों पर खड़ीं बसें इस बात की गवाही दे रही हैं कि सड़कें सिर्फ टूटी नहीं, बल्कि आर्थिक रीढ़ भी हिला गई हैं। 150 से अधिक लोकल रूट भी ठप हैं। ऐसे में निगम को डेढ़ माह में अब तक करीब पांच करोड़ रुपये से अधिक का घाटा उठाना पड़ा है। किरतपुर-मनाली हाईवे मंडी जिले से मनाली तक जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। पांचों उपमंडलों में ग्रामीण सड़कें भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हैं।
बाहरी राज्यों के लिए परिवहन निगम वोल्वो, एसी, डीलक्स और साधारण बसों का संचालन करता है। मनाली से मंडी के बस अड्डा तक किरतपुर-मनाली हाईवे क्षतिग्रस्त हुआ है। इससे बाहरी राज्यों के लिए बसों के संचालन में खराब हाईवे रोड़ा बना हुआ है। हालांकि बाहरी राज्यों के लिए साधारण बसों को अंतरराज्यीय बस अड्डा कुल्लू और वोल्वो बसों को मंडी से संचालित किया जा रहा है। इन बसों की संख्या में भी कटौती की गई है। जिले के भीतर ग्रामीण रूटों पर बसों का संचालन ठप है। इससे निगम को रोजाना लाखों का नुकसान हो रहा है जबकि शिमला के बाद कुल्लू डिपो कमाऊ पूत है।
उधर, परिवहन निगम के उपमंडलीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि हाईवे और लोकल सड़कें खराब होने से ज्यादातर बसें खड़ी हैं। सड़कें दुरुस्त होने के बाद ही बसों का संचालन समयसारिणी के अनुसार किया जाएगा। जिन रूटों पर बस संचालन की संभावना है, यात्रियों की सुविधा के लिए बसें चलाई जा रही हैं। हाईवे और सड़कें ठीक न होने से निगम को रोजाना 12 लाख का नुकसान हो रहा है। पिछले डेढ़ माह में नुकसान का आंकड़ा पांच करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
विज्ञापन
--
विज्ञापन
किरतपुर-मनाली एनएच, सड़कों की बदहाली से डेढ़ महीने में हुई पांच कराेड़ की क्षति
सड़कें अवरुद्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी सेवाएं ठप, ठप हैं 150 से ज्यादा लोकल रूट
राजीव नैय्यर
कुल्लू। कभी शिमला के बाद सबसे ज्यादा कमाई करने वाला एचआरटीसी का कुल्लू डिपो अब घाटे की कहानी बन चुका है।बारिश ने सड़कें छीनीं और सिस्टम ने समाधान।
किरतपुर-मनाली नेशनल हाईवे की बदहाली ने एचआरटीसी को ऐसा झटका दिया कि अब हर दिन 12 लाख की कमाई नहीं, बल्कि नुकसान हो रहा है। मनाली से दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू तक चलने वाली वोल्वो और एसी बसें कटौती की मार झेल रही हैं। ग्रामीण रूटों पर खड़ीं बसें इस बात की गवाही दे रही हैं कि सड़कें सिर्फ टूटी नहीं, बल्कि आर्थिक रीढ़ भी हिला गई हैं। 150 से अधिक लोकल रूट भी ठप हैं। ऐसे में निगम को डेढ़ माह में अब तक करीब पांच करोड़ रुपये से अधिक का घाटा उठाना पड़ा है। किरतपुर-मनाली हाईवे मंडी जिले से मनाली तक जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। पांचों उपमंडलों में ग्रामीण सड़कें भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हैं।
बाहरी राज्यों के लिए परिवहन निगम वोल्वो, एसी, डीलक्स और साधारण बसों का संचालन करता है। मनाली से मंडी के बस अड्डा तक किरतपुर-मनाली हाईवे क्षतिग्रस्त हुआ है। इससे बाहरी राज्यों के लिए बसों के संचालन में खराब हाईवे रोड़ा बना हुआ है। हालांकि बाहरी राज्यों के लिए साधारण बसों को अंतरराज्यीय बस अड्डा कुल्लू और वोल्वो बसों को मंडी से संचालित किया जा रहा है। इन बसों की संख्या में भी कटौती की गई है। जिले के भीतर ग्रामीण रूटों पर बसों का संचालन ठप है। इससे निगम को रोजाना लाखों का नुकसान हो रहा है जबकि शिमला के बाद कुल्लू डिपो कमाऊ पूत है।
विज्ञापन
उधर, परिवहन निगम के उपमंडलीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि हाईवे और लोकल सड़कें खराब होने से ज्यादातर बसें खड़ी हैं। सड़कें दुरुस्त होने के बाद ही बसों का संचालन समयसारिणी के अनुसार किया जाएगा। जिन रूटों पर बस संचालन की संभावना है, यात्रियों की सुविधा के लिए बसें चलाई जा रही हैं। हाईवे और सड़कें ठीक न होने से निगम को रोजाना 12 लाख का नुकसान हो रहा है। पिछले डेढ़ माह में नुकसान का आंकड़ा पांच करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
विज्ञापन