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Kullu News: भुंतर में बस अड्डा नहीं, सड़क ही बनी सहारा
Tue, 15 Sep 2026 11:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:27 PM IST
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भुंतर का संकरा बस अड्डा, लोगों के लिए परेशानी। संवाद
अभियान:
समस्याओं का अड्डा- 02
यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल, बुकिंग कार्यालय भी नगर पंचायत भवन में
मंडी-शिमला से लेकर दिल्ली-जम्मू और गड़सा-मणिकर्ण रूट की बसों का रहता है दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
भुंतर (कुल्लू)। व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र भुंतर में अभी तक बस अड्डा नहीं बन पाया है। बस अड्डे के नाम पर उपलब्ध छोटी सी जगह में एक साथ दो से अधिक बसें खड़ी नहीं हो पातीं। इससे बसों के संचालन के साथ यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भुंतर से होकर जिला मुख्यालय से मंडी, शिमला, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और जम्मू जाने वाली बसें गुजरती हैं। इसके अलावा गड़सा और मणिकर्ण जाने वाली बसों का भी यही प्रमुख मार्ग है। ऐसे में यहां हर दो मिनट में बसों का आना-जाना लगा रहता है। जगह की कमी के कारण बसों को दो-तीन मिनट से अधिक रोकना भी मुश्किल हो जाता है।
बसों के खड़े होने की उचित व्यवस्था न होने से यात्रियों को सड़क किनारे ही बसों का इंतजार करना पड़ता है। बस में चढ़ते और उतरते समय दूसरे वाहनों की आवाजाही के बीच हादसे का खतरा भी बना रहता है।
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हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि परिवहन निगम के पास यहां अपना बुकिंग कार्यालय तक नहीं है। बुकिंग कार्यालय नगर पंचायत के भवन में चल रहा है। ऐसे में व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण भुंतर में यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय निवासी दिनेश कुमार, सुरेश, पंकज कुमार, रजनी देवी और बीना देवी ने कहा कि भुंतर में बस अड्डे के नाम पर छोटी सी जगह है, जहां बसें खड़ी करना ही मुश्किल है। यात्रियों को बस में चढ़ने और उतरने में भी जोखिम उठाना पड़ता है। दिनभर बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही को देखते हुए यहां सुविधाओं से लैस बस अड्डा बनाया जाना जरूरी है।
बाक्स,
भुंतर में एक अच्छा बस अड्डा बनाने की जरूरत है और निगम और प्रशासन को इस दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। सरकार से भी आग्रह है कि इस ओर विशेष ध्यान देकर बेहतरीन बस अड्डा बनाया जाए। -शैलेंद्र शर्मा, स्थानीय निवासी
बाक्स,
वर्तमान में बस अड्डा काफी ज्यादा तंग है और बसें खड़ी करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। जबकि इस बस अड्डा से मणिकर्ण, गड़सा घाटी के लिए आने जाने वाली बसों के अलावा जिला मुख्यालय से लंबे रूटों पर आने जाने वाली बसों का आना जाना रहता है। -पंकज सेठी, कारोबारी
बाक्स,
भुंतर में बस अड्डा बनाने के लिए जगह उपलब्ध नहीं है जिसके चलते अभी तक कोई ऐसी योजना भी नहीं बन पाई है। लेकिन आने वाले समय में संभावनाएं तलाशने का प्रयास किया जाएगा ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।
-डीके नारंग, उपमंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी
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समस्याओं का अड्डा- 02
यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल, बुकिंग कार्यालय भी नगर पंचायत भवन में
मंडी-शिमला से लेकर दिल्ली-जम्मू और गड़सा-मणिकर्ण रूट की बसों का रहता है दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
भुंतर (कुल्लू)। व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र भुंतर में अभी तक बस अड्डा नहीं बन पाया है। बस अड्डे के नाम पर उपलब्ध छोटी सी जगह में एक साथ दो से अधिक बसें खड़ी नहीं हो पातीं। इससे बसों के संचालन के साथ यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भुंतर से होकर जिला मुख्यालय से मंडी, शिमला, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और जम्मू जाने वाली बसें गुजरती हैं। इसके अलावा गड़सा और मणिकर्ण जाने वाली बसों का भी यही प्रमुख मार्ग है। ऐसे में यहां हर दो मिनट में बसों का आना-जाना लगा रहता है। जगह की कमी के कारण बसों को दो-तीन मिनट से अधिक रोकना भी मुश्किल हो जाता है।
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बसों के खड़े होने की उचित व्यवस्था न होने से यात्रियों को सड़क किनारे ही बसों का इंतजार करना पड़ता है। बस में चढ़ते और उतरते समय दूसरे वाहनों की आवाजाही के बीच हादसे का खतरा भी बना रहता है।
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हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि परिवहन निगम के पास यहां अपना बुकिंग कार्यालय तक नहीं है। बुकिंग कार्यालय नगर पंचायत के भवन में चल रहा है। ऐसे में व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण भुंतर में यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय निवासी दिनेश कुमार, सुरेश, पंकज कुमार, रजनी देवी और बीना देवी ने कहा कि भुंतर में बस अड्डे के नाम पर छोटी सी जगह है, जहां बसें खड़ी करना ही मुश्किल है। यात्रियों को बस में चढ़ने और उतरने में भी जोखिम उठाना पड़ता है। दिनभर बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही को देखते हुए यहां सुविधाओं से लैस बस अड्डा बनाया जाना जरूरी है।
बाक्स,
भुंतर में एक अच्छा बस अड्डा बनाने की जरूरत है और निगम और प्रशासन को इस दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। सरकार से भी आग्रह है कि इस ओर विशेष ध्यान देकर बेहतरीन बस अड्डा बनाया जाए। -शैलेंद्र शर्मा, स्थानीय निवासी
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वर्तमान में बस अड्डा काफी ज्यादा तंग है और बसें खड़ी करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। जबकि इस बस अड्डा से मणिकर्ण, गड़सा घाटी के लिए आने जाने वाली बसों के अलावा जिला मुख्यालय से लंबे रूटों पर आने जाने वाली बसों का आना जाना रहता है। -पंकज सेठी, कारोबारी
बाक्स,
भुंतर में बस अड्डा बनाने के लिए जगह उपलब्ध नहीं है जिसके चलते अभी तक कोई ऐसी योजना भी नहीं बन पाई है। लेकिन आने वाले समय में संभावनाएं तलाशने का प्रयास किया जाएगा ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।
-डीके नारंग, उपमंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी

भुंतर का संकरा बस अड्डा, लोगों के लिए परेशानी। संवाद

भुंतर का संकरा बस अड्डा, लोगों के लिए परेशानी। संवाद