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Kullu News: क्यूआर कोड से होगा पंजीकरण शुल्क का भुगतान
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कुल्लू अस्पताल में व्यवस्था से मरीजों को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल में अब मरीजों को पंजीकरण शुल्क जमा करवाने के लिए खुले 10 रुपये लाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। मरीज से अस्पताल में पर्ची बनाने का दस रुपये पंजीकरण शुल्क लिया जाता है। इस शुल्क को अब मरीज क्यूआर कोड स्कैन कर अदा कर सकेंगे। इससे मरीजों को सुविधा मिलेगी।। वहीं, अस्पताल की कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता बनी रहेगी। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की सुविधा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए व्यवस्था को लागू करने का निर्णय अप्रैल 2026 में लिया था। अब इसे लागू कर दिया गया है। इससे मरीजों को पंजीकरण शुल्क जमा करने के लिए भटकना भी नहीं पड़ेगा।
क्षेत्रीय अस्पताल में हर एक मरीज से सरकार के आदेशों के बाद दस रुपये पंजीकरण शुल्क लिया जा रहा है लेकिन दस रुपये खुले न होने के कारण मरीजों को दर्द के बीच पंजीकरण शुल्क जमा करवाने के लिए भटकना पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की इस समस्या का हल निकाला है। रोगी कल्याण समिति की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया था कि अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर अब क्यूआर कोड के माध्यम से पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा। इस व्यवस्था को अब लागू कर दिया गया है। इससे मरीजों को ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण शुल्क जमा करने की सुविधा मिल रही है। इससे मरीज और अस्पताल स्टाफ को राहत मिली है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह ठाकुर ने कहा कि अस्पताल में चार पंजीकरण काउंटर हैं। इन सभी पर क्यूआर कोड से पंजीकरण शुल्क लेने की सुविधा शुरू कर दी गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल में अब मरीजों को पंजीकरण शुल्क जमा करवाने के लिए खुले 10 रुपये लाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। मरीज से अस्पताल में पर्ची बनाने का दस रुपये पंजीकरण शुल्क लिया जाता है। इस शुल्क को अब मरीज क्यूआर कोड स्कैन कर अदा कर सकेंगे। इससे मरीजों को सुविधा मिलेगी।। वहीं, अस्पताल की कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता बनी रहेगी। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की सुविधा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए व्यवस्था को लागू करने का निर्णय अप्रैल 2026 में लिया था। अब इसे लागू कर दिया गया है। इससे मरीजों को पंजीकरण शुल्क जमा करने के लिए भटकना भी नहीं पड़ेगा।
क्षेत्रीय अस्पताल में हर एक मरीज से सरकार के आदेशों के बाद दस रुपये पंजीकरण शुल्क लिया जा रहा है लेकिन दस रुपये खुले न होने के कारण मरीजों को दर्द के बीच पंजीकरण शुल्क जमा करवाने के लिए भटकना पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की इस समस्या का हल निकाला है। रोगी कल्याण समिति की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया था कि अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर अब क्यूआर कोड के माध्यम से पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा। इस व्यवस्था को अब लागू कर दिया गया है। इससे मरीजों को ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण शुल्क जमा करने की सुविधा मिल रही है। इससे मरीज और अस्पताल स्टाफ को राहत मिली है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह ठाकुर ने कहा कि अस्पताल में चार पंजीकरण काउंटर हैं। इन सभी पर क्यूआर कोड से पंजीकरण शुल्क लेने की सुविधा शुरू कर दी गई है।
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