{"_id":"6a8992ef463e53a0190477fd","slug":"realizing-god-is-possible-through-the-grace-of-the-satguru-rajendra-kullu-news-c-89-1-klu1002-184777-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईश्वर की पहचान सतगुरु की कृपा से संभव : राजेंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईश्वर की पहचान सतगुरु की कृपा से संभव : राजेंद्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सत्संग भवन कुल्लू में आयोजित हुआ समागम
..........................
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। ईश्वर की पहचान सतगुरु की कृपा से ही संभव है। यह बात सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार ने शनिवार को सत्संग भवन कुल्लू में आयोजित संयोजक स्तरीय इंग्लिश मीडियम समागम (ईएमएस) में कही। उन्होंने आध्यात्मिक समागम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य मानव जाति को ब्रह्मज्ञान से अवगत कराना है। ब्रह्मज्ञान के माध्यम से उस निराकार परमात्मा का बोध होता है, जो सर्वव्यापी, सर्वज्ञ और कण-कण में विद्यमान हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज मानव कल्याण के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने आध्यात्मिक सत्य पर प्रकाश डालते हुए श्रीमद्भगवदगीता, रामायण, कुरान, श्री गुरु ग्रंथ साहिब और बाइबल सहित विभिन्न धार्मिक ग्रंथों के प्रमाण भी प्रस्तुत किए।समागम के समापन पर संयोजक बीआर रवि ने ज्ञानप्रचारकों, क्षेत्रीय संचालकों, मुखियों, संचालकों, ईएमएस प्रभारियों और उपस्थित साध-संगत का आभार व्यक्त किया। संवाद
विज्ञापन
..........................
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। ईश्वर की पहचान सतगुरु की कृपा से ही संभव है। यह बात सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार ने शनिवार को सत्संग भवन कुल्लू में आयोजित संयोजक स्तरीय इंग्लिश मीडियम समागम (ईएमएस) में कही। उन्होंने आध्यात्मिक समागम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य मानव जाति को ब्रह्मज्ञान से अवगत कराना है। ब्रह्मज्ञान के माध्यम से उस निराकार परमात्मा का बोध होता है, जो सर्वव्यापी, सर्वज्ञ और कण-कण में विद्यमान हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज मानव कल्याण के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने आध्यात्मिक सत्य पर प्रकाश डालते हुए श्रीमद्भगवदगीता, रामायण, कुरान, श्री गुरु ग्रंथ साहिब और बाइबल सहित विभिन्न धार्मिक ग्रंथों के प्रमाण भी प्रस्तुत किए।समागम के समापन पर संयोजक बीआर रवि ने ज्ञानप्रचारकों, क्षेत्रीय संचालकों, मुखियों, संचालकों, ईएमएस प्रभारियों और उपस्थित साध-संगत का आभार व्यक्त किया। संवाद
विज्ञापन