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कुल्लू: पानी की टंकी में फंसी दुर्लभ लेपर्ड कैट, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
Wed, 23 Sep 2026 12:07 PM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)।
संवाद न्यूज एजेंसी, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 23 Sep 2026 12:07 PM IST
सार
Leopard Cat Rescue: लाहौल-स्पीति के उदयपुर वन रेंज के सतधारा नाले में नवनिर्मित पानी की टंकी के अंदर एक दुर्लभ लेपर्ड कैट फंस गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित बाहर निकाला। पशु चिकित्सकों से स्वास्थ्य जांच करवाने के बाद लेपर्ड कैट को पूरी तरह स्वस्थ पाया गया, जिसके बाद उसे उसके प्राकृतिक वन्य आवास में छोड़ दिया गया।
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उदयपुर के सतधारा नाले में बने टेंक से रेस्क्यू किया दुर्लभ लेपर्ड कैट।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
लाहौल घाटी में कम दिखाई देने वाली एक दुर्लभ लेपर्ड कैट के लिए वन विभाग की टीम समय पर मददगार साबित हुई। वन रेंज उदयपुर के दायरे में आने वाले सतधारा नाले में यह जंगली बिल्ली एक नवनिर्मित पानी की टंकी के अंदर फंस गई थी। स्थानीय लोगों की नजर पड़ने के बाद वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए लेपर्ड कैट को पानी की टंकी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने लेपर्ड कैट की पशु चिकित्सकों से स्वास्थ्य जांच भी करवाई। जांच में उसे पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद वन विभाग ने उसे उसके प्राकृतिक वन्य आवास में सुरक्षित छोड़ दिया। वन मंडल अधिकारी लाहौल इंद्रजीत सिर्रा ने बताया कि स्वास्थ्य जांच में लेपर्ड कैट पूरी तरह स्वस्थ पाई गई थी। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
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लाहौल घाटी में कम दिखाई देती है लेपर्ड कैट
वन विभाग के अनुसार, लेपर्ड कैट लाहौल घाटी में बहुत कम दिखाई देती है। यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति है। ऐसे में समय पर रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ना महत्वपूर्ण रहा।
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वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों की सूचना के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए लेपर्ड कैट को किसी संभावित हादसे से बचा लिया। अगर समय रहते इसकी जानकारी विभाग को नहीं मिलती तो टंकी में फंसे रहने के कारण वन्यजीव के सामने खतरा पैदा हो सकता था।
खुले निर्माण स्थलों को ढककर रखने की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि पानी की टंकियों और अन्य खुले निर्माण स्थलों को ढककर रखें। इससे वन्यजीवों के इनमें फंसने की घटनाओं को रोका जा सकता है।
वन विभाग का कहना है कि खुले निर्माण स्थल और टंकियां वन्यजीवों के लिए खतरा बन सकती हैं। इन्हें सुरक्षित तरीके से ढककर रखने से वन्यजीवों को हादसों का शिकार होने से बचाया जा सकता है।
खुले निर्माण स्थलों को ढककर रखने की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि पानी की टंकियों और अन्य खुले निर्माण स्थलों को ढककर रखें। इससे वन्यजीवों के इनमें फंसने की घटनाओं को रोका जा सकता है।
वन विभाग का कहना है कि खुले निर्माण स्थल और टंकियां वन्यजीवों के लिए खतरा बन सकती हैं। इन्हें सुरक्षित तरीके से ढककर रखने से वन्यजीवों को हादसों का शिकार होने से बचाया जा सकता है।