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Kullu News: बागवानी और कृषि को संजीवनी बनी बारिश

Fri, 30 Dec 2022 10:24 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Dec 2022 10:24 PM IST
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Rain became lifeline for horticulture-agriculture
कुल्लू/खराहल। कुल्लू और लाहौल में दो दिनों से हुई बर्फबारी और बारिश से बागवानी और कृषि में जान आ गई है। खेतों में नमी आने से तौलियां और गड्डे बनाने का काम शुरू हो जाएगा। जिले में डेढ़ से दो माह तक बारिश न होने से जिले में बागवानी के साथ खेत खलिहानों का काम रुक गया था और गेहूं, जौ के साथ लहसुन की फसल भी मुरझाने लगी थी।
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वीरवार को एकाएक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से जिले में ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। यह क्रम शुक्रवार को भी जारी रहा है। कृषि और बागवानी के लिए बारिश और बर्फबारी लाभदायक साबित होगी। लंबे समय से चल रहे सूखे से किसानों और बागवानों को राहत मिली है। जिला कुल्लू में करीब 24 हजार हेक्टेयर भूमि पर बागवानी हो रही है। इससे जिले के 70 हजार परिवार प्रत्यक्ष तौर पर बागवानी से जुडे़ हुए है। बारिश होने से बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं।
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बागवान अमित, प्रताप पठानिया, अखिल ठाकुर, अनिश भंडारी, नवीन, महेश, बुद्धि प्रकाश और कैलाश ठाकुर ने कहा कि दो माह से सूखे से बागवानी के कार्य भी रुके पड़े थे, लेकिन अब कृषि और बागवानी के काम भी आरंभ हो जाएंगे। कहाकि बारिश नहीं होने से बगीचों में नमी खत्म हो चुकी थी, जिसके कारण खाद और गोबर मिलाने का काम भी नहीं हो रहा था।
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वहीं चिलिंग आवर्स पर भी संकट खड़ा होने लगा था। वीरवार से बारिश और बर्फबारी का दौर सेब उत्पादित क्षेत्रों में आरंभ हुआ और शुक्रवार को भी जारी है। निचले इलाकों में बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी सेब के लिए संजीवनी बन कर आई है। फलोत्पादक मंडल कुल्लू के प्रधान महेंद्र उपाध्याय ने कहा कि लंबे समय से सूखा चल रहा था। बागवानी और कृषि के लिए नुकसान हो रहा था।

कहाकि जनवरी और फरवरी में बर्फबारी होना सेब के लिए जरूरी है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक बीएम चौहान ने कहा कि ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश सेब सहित अन्य फलों के लिए संजीवनी साबित होगी। कहाकि आगामी तीन माह में बर्फबारी और बारिश समय-समय पर होनी लाजिमी है। इससे सेब सहित अन्य फलों का उत्पादन अच्छा होगा।
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