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Kullu News: बारिश बनी रुकावट, सड़क और बिजली की बहाली पर लगी ब्रेक
Sun, 24 Aug 2025 10:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 24 Aug 2025 10:41 PM IST
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लगातार बारिश होने से नहीं खुल पाईं बंद पड़ीं सड़कें, कई जगह बिजली भी गुल
बारिश से कुल्लू-मनाली, मणिकर्ण की सड़कों पर सफर करना हुआ खतरनाक
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। लगातार हो रही बारिश ने जिले में जनजीवन को एक बार फिर थाम दिया है। सड़कें मलबे से भरी हैं। बिजली गुल है और लोक निर्माण विभाग और बिजली बोर्ड की बहाली की कोशिशें भी बारिश के आगे बेबस दिख रही हैं। हालात ऐसे हैं कि पहाड़ों पर सफर जान जोखिम में डालने जैसा बन गया है।रविवार को भी दिनभर बारिश का दौर जारी रहा।
जिला में भूस्खलन, डंगे गिरने से 101 सड़कों पर यातायात ठप है। निगम के कई रूट बंद चल रहे हैं। लगघाटी, बंजार, कुल्लू से आनी के लिए चलने वाली करीब 10 बसों के साथ कुल्लू-मनाली से चलने वाली लंबे रूटों की बसें ठप हैं। लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में कुल्लू से मनाली, भुंतर से मणिकर्ण, औट से लारजी-आनी, बंजार से गुशैणी-बठाहड़ और कुल्लू से मंडी तक सफर करना खतरनाक हो गया है। पहाड़ी से लगातार भूस्खलन और पत्थर गिर रहे हैं। लगवैली, शाट, मनाली, बंजार, जिभी, धाउगी, रैली व आनी में 27 ट्रांसफार्मर बंद होने से करीब 40 गांवों में पांच से छह दिनों से अंधेरा छाया है। बिजली आपूर्ति के लिए बोर्ड के कर्मचारी बारिश में भी मुस्तैदी से डटे रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि बारिश से भूस्खलन की घटनाएं अधिक होती हैं। ऐसे में लोग रात के समय सफर करने से बचें। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी व सड़कों को रिस्टोर करने का काम जारी है।
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बारिश से कुल्लू-मनाली, मणिकर्ण की सड़कों पर सफर करना हुआ खतरनाक
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। लगातार हो रही बारिश ने जिले में जनजीवन को एक बार फिर थाम दिया है। सड़कें मलबे से भरी हैं। बिजली गुल है और लोक निर्माण विभाग और बिजली बोर्ड की बहाली की कोशिशें भी बारिश के आगे बेबस दिख रही हैं। हालात ऐसे हैं कि पहाड़ों पर सफर जान जोखिम में डालने जैसा बन गया है।रविवार को भी दिनभर बारिश का दौर जारी रहा।
जिला में भूस्खलन, डंगे गिरने से 101 सड़कों पर यातायात ठप है। निगम के कई रूट बंद चल रहे हैं। लगघाटी, बंजार, कुल्लू से आनी के लिए चलने वाली करीब 10 बसों के साथ कुल्लू-मनाली से चलने वाली लंबे रूटों की बसें ठप हैं। लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में कुल्लू से मनाली, भुंतर से मणिकर्ण, औट से लारजी-आनी, बंजार से गुशैणी-बठाहड़ और कुल्लू से मंडी तक सफर करना खतरनाक हो गया है। पहाड़ी से लगातार भूस्खलन और पत्थर गिर रहे हैं। लगवैली, शाट, मनाली, बंजार, जिभी, धाउगी, रैली व आनी में 27 ट्रांसफार्मर बंद होने से करीब 40 गांवों में पांच से छह दिनों से अंधेरा छाया है। बिजली आपूर्ति के लिए बोर्ड के कर्मचारी बारिश में भी मुस्तैदी से डटे रहे।
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अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि बारिश से भूस्खलन की घटनाएं अधिक होती हैं। ऐसे में लोग रात के समय सफर करने से बचें। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी व सड़कों को रिस्टोर करने का काम जारी है।
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