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एक सप्ताह में पंद्रह रुपये बढ़े प्लम के रेट
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कुल्लू में प्लम की पैकिंग करते कामगार। -संवाद
- फोटो : Kullu
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू/खराहल। जिला कुल्लू की मंडियों में प्लम का सीजन जोर पकड़ने लगा है। खट्टे-मीठे व रसीले प्लम के बेहतर दाम मिलने से बागवानों के चेहरों पर रौनक आ गई है।
जिले की सब्जी मंडियों में प्लम की खेप पहुंचने से रौनक आ गई है। ए श्रेणी का प्लम 90 रुपये प्रति किलो के हिसाब बिका है। एक सप्ताह में प्लम के रेट में 15 रुपये का इजाफा हुआ है। इससे पहले यह प्लम 75 रुपये किलो तक बिक रहा है। मंडी में प्लम की रोज 400 से 500 तक क्रेट आती हैं। सब्जी मंडी में मंगलवार को भी 500 क्रेट पहुंची। अच्छे दाम मिलने से बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। हालांकि इस साल लंबे सूखे के चलते प्लम का आकार थोड़ा छोटा है। इसके बावजूद बेहतर दाम उपलब्ध हो रहे है। जिले में सेब और नाशपाती के बाद प्लम का उत्पादन सबसे ज्यादा होता है। जिले में बागवान कई किस्मों का प्लम उगा रहे है। नई किस्म के प्लम को देश की मंडियों में बहुत अच्छे दाम मिल रहे हैं।
अभी जिले में सेंटारोजा किस्म का प्लम सबसे अधिक पैदा होता है। जिला में 12,000 हेक्टेयर भूमि पर विभिन्न किस्मों के प्लम की पैदावार की जा रही है। इस साल करीब तीन माह से पर्याप्त बारिश न होने से फलों के आकार, गुणवत्ता और रंगत पर असर पड़ा है। बागवान अमित, प्रताप पठानिया, महेश, ज्ञान ठाकुर, कैलाश ठाकुर, विजय पठानिया, देवराज नेगी व जयचंद आदि ने कहा कि प्लम का सीजन अब जोर पकड़ने लगा है। इस साल पिछले वर्ष की तुलना में प्लम की 50 प्रतिशत फसल कम है। अंधड़ और ओलावृष्टि की वजह से भी कई क्षेत्रों में फसल को नुकसान हुआ है। इससे बागवानों को आर्थिक तौर पर क्षति हुई है।
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बंदरोल सब्जी मंडी के आढ़ती नूतन ठाकुर ने कहा कि इस साल प्लम का आकार, गुणवता व रंगत कुछ कम है। बारिश समय पर नहीं होने से यह समस्या पेश आई है। सब्जी मंडी में प्लम का सीजन जोर पकड़ने लगा है। बंदरोल सब्जी मंडी के आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मोहन लाल ठाकुर ने कहा कि सब्जी में ए श्रेणी का प्लम 90 रुपये प्रति किलो के हिसाब बिका हैै। मंडी में प्लम की मंगलवार को करीब 500 क्रेट पहुंची हैं।
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कुल्लू/खराहल। जिला कुल्लू की मंडियों में प्लम का सीजन जोर पकड़ने लगा है। खट्टे-मीठे व रसीले प्लम के बेहतर दाम मिलने से बागवानों के चेहरों पर रौनक आ गई है।
जिले की सब्जी मंडियों में प्लम की खेप पहुंचने से रौनक आ गई है। ए श्रेणी का प्लम 90 रुपये प्रति किलो के हिसाब बिका है। एक सप्ताह में प्लम के रेट में 15 रुपये का इजाफा हुआ है। इससे पहले यह प्लम 75 रुपये किलो तक बिक रहा है। मंडी में प्लम की रोज 400 से 500 तक क्रेट आती हैं। सब्जी मंडी में मंगलवार को भी 500 क्रेट पहुंची। अच्छे दाम मिलने से बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। हालांकि इस साल लंबे सूखे के चलते प्लम का आकार थोड़ा छोटा है। इसके बावजूद बेहतर दाम उपलब्ध हो रहे है। जिले में सेब और नाशपाती के बाद प्लम का उत्पादन सबसे ज्यादा होता है। जिले में बागवान कई किस्मों का प्लम उगा रहे है। नई किस्म के प्लम को देश की मंडियों में बहुत अच्छे दाम मिल रहे हैं।
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अभी जिले में सेंटारोजा किस्म का प्लम सबसे अधिक पैदा होता है। जिला में 12,000 हेक्टेयर भूमि पर विभिन्न किस्मों के प्लम की पैदावार की जा रही है। इस साल करीब तीन माह से पर्याप्त बारिश न होने से फलों के आकार, गुणवत्ता और रंगत पर असर पड़ा है। बागवान अमित, प्रताप पठानिया, महेश, ज्ञान ठाकुर, कैलाश ठाकुर, विजय पठानिया, देवराज नेगी व जयचंद आदि ने कहा कि प्लम का सीजन अब जोर पकड़ने लगा है। इस साल पिछले वर्ष की तुलना में प्लम की 50 प्रतिशत फसल कम है। अंधड़ और ओलावृष्टि की वजह से भी कई क्षेत्रों में फसल को नुकसान हुआ है। इससे बागवानों को आर्थिक तौर पर क्षति हुई है।
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बंदरोल सब्जी मंडी के आढ़ती नूतन ठाकुर ने कहा कि इस साल प्लम का आकार, गुणवता व रंगत कुछ कम है। बारिश समय पर नहीं होने से यह समस्या पेश आई है। सब्जी मंडी में प्लम का सीजन जोर पकड़ने लगा है। बंदरोल सब्जी मंडी के आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मोहन लाल ठाकुर ने कहा कि सब्जी में ए श्रेणी का प्लम 90 रुपये प्रति किलो के हिसाब बिका हैै। मंडी में प्लम की मंगलवार को करीब 500 क्रेट पहुंची हैं।