{"_id":"61aa55a1beb81168010c1c7d","slug":"piecemeal-workers-in-kullu-depot-demands-to-cover-them-in-contract-policy-kullu-news-sml3922235112","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनुबंध की मांग पर अड़े पीस मील कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनुबंध की मांग पर अड़े पीस मील कर्मचारी
विज्ञापन
एचआरटीसी कार्यशाला में मांगों को लेकर टूल डाउन हड़ताल पर बैठे पीस मील कर्मचारी। ...संवाद
- फोटो : Kullu
कुल्लू। हिमाचल पथ परिवहन निगम के कुल्लू डिपो के 38 पीसमील वर्कर सोमवार से टूल डाउन हड़ताल पर हैं। इसके चलते पांच दिन से निगम की कार्यशाला में कामकाज ठप है। वर्करों ने मांगों के लिए कड़ा रुख अपना लिया है। उनका कहना है कि जब तक सरकार वर्करों को एकमुश्त अनुबंध पर नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रखी जाएगी।
बता दें कि कर्मचारियों की सरकार के साथ हुई बातचीत में आश्वासन दिया गया था कि उन्हें अनुबंध पर लाने के लिए नीति बनाई जाएगी। इस पर कर्मचारियों ने पूर्व में हड़ताल को वापस ले ली थी।
नीति बनाने के लिए 25 नवंबर तक समय दिया गया था, लेकिन न तो नीति बनी और न ही जेसीसी की बैठक में इनकी मांग को पूरा किया गया। पीसमील वर्कर यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप ने कहा कि लंबे समय से पीसमील वर्कर अनुबंध की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पूरे हिमाचल में 933 पीस मील वर्कर हैं, जिनमें 410 कर्मचारियों को साल 2017 से पहले अनुबंध पर लेकर नियमित भी कर दिया गया है, लेकिन उसके बाद एक भी पीसमील वर्कर को अनुबंध पर नहीं लिया गया।
इससे पता चलता है कि सरकार और निगम प्रबंधन 513 कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। इस दौरान मनोहर, सोमदत्त, सुनील, रामलाल, संतराम, जोगिंद्र, धीरज, सतीश, बलवंत आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
बता दें कि कर्मचारियों की सरकार के साथ हुई बातचीत में आश्वासन दिया गया था कि उन्हें अनुबंध पर लाने के लिए नीति बनाई जाएगी। इस पर कर्मचारियों ने पूर्व में हड़ताल को वापस ले ली थी।
विज्ञापन
नीति बनाने के लिए 25 नवंबर तक समय दिया गया था, लेकिन न तो नीति बनी और न ही जेसीसी की बैठक में इनकी मांग को पूरा किया गया। पीसमील वर्कर यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप ने कहा कि लंबे समय से पीसमील वर्कर अनुबंध की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पूरे हिमाचल में 933 पीस मील वर्कर हैं, जिनमें 410 कर्मचारियों को साल 2017 से पहले अनुबंध पर लेकर नियमित भी कर दिया गया है, लेकिन उसके बाद एक भी पीसमील वर्कर को अनुबंध पर नहीं लिया गया।
इससे पता चलता है कि सरकार और निगम प्रबंधन 513 कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। इस दौरान मनोहर, सोमदत्त, सुनील, रामलाल, संतराम, जोगिंद्र, धीरज, सतीश, बलवंत आदि उपस्थित रहे।