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Kullu News: बदल जाएगी लोगों की जिंदगी, पीठ से उतरेगा सड़क का बोझ
Wed, 11 Jun 2025 10:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 11 Jun 2025 10:29 PM IST
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बंजार के दुर्गम टिंडा गांव के लिए सड़क का रास्ता साफ, सीएम ने रखी है आधारशिला
नाबार्ड से 4.65 करोड़ का प्रावधान, 4.5 किमी लंबी सड़क का का निर्माण जल्द शुरू होगा
गौरीशंकर
कुल्लू। सदियों से पीठ और कंधों पर जीवन का बोझ ढो रहे लोगों की जीवनशैली अब बदल जाएगी...। दुर्गम क्षेत्र के लिए सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। सड़क के बनते ही लोगों की पीठ और कंधों का बोझ भी उतर जाएगा।
बंजार उपमंडल के दुर्गम क्षेत्र के गांव टिंडा को सड़क से जोड़ने की योजना अब धरातल पर उतरने लगी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बंजार क्षेत्र के दौरे के दौरान इस सड़क के निर्माण की आधारशिला रखी है। इसके चलते सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है।
दरअसल, इसके निर्माण के लिए नाबार्ड से 4.65 करोड़ रुपये के बजट का भी प्रावधान किया जा चुका है। 4.5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण जल्द शुरू होगा। इसका निर्माण कार्य एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लोगों में भी सड़क निर्माण को लेकर खुशी का माहौल है। चूंकि, उनकी दशकों से चली आ रही मांग पूरी हो रही है। गौरतलब है कि क्षेत्र के ज्वाली से टिंडा बाया सेरीबिला देयोगी तक बनने वाली इस सड़क से सैकड़ों ग्रामीणों को फायदा पहुंचेगा। इनमें बड़ा गांव टिंडा है, जबकि सेरीबिला, देयोगी सहित अन्य उप गांव भी क्षेत्र में हैं, जिन्हें फायदा पहुंचेगा। लोगों की मानें तो वर्तमान में लोगों को साढ़े चार किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ रहा है। साथ में रोजमर्रा का सामान पीठ पर ढोना पड़ रहा है। बीमार लोगों को भी कुर्सी में बांधकर सड़क तक लाना पड़ता है।
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ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
गांव तक सड़क पहुंचने से न केवल ग्रामीणों को आने जाने की सुविधा होगी, बल्कि इससे क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र में प्राकृतिक सुंदरता है, जिससे यहां पर्यटक घूमने पहुंच सकते हैं। सड़क बनने से पर्यटक आसानी से गांव तक पहुंच सकेंगे और गांव के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
-- नाबार्ड के तहत सड़क निर्माण के लिए धनराशि मिल चुकी है और जल्द ही सड़क निर्माण कार्य कार्य आरंभ कर दिया जाएगा इससे ग्रामीणों को सुविधा मिल सकेगी। - चमन ठाकुर, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग बंजार
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नाबार्ड से 4.65 करोड़ का प्रावधान, 4.5 किमी लंबी सड़क का का निर्माण जल्द शुरू होगा
गौरीशंकर
कुल्लू। सदियों से पीठ और कंधों पर जीवन का बोझ ढो रहे लोगों की जीवनशैली अब बदल जाएगी...। दुर्गम क्षेत्र के लिए सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। सड़क के बनते ही लोगों की पीठ और कंधों का बोझ भी उतर जाएगा।
बंजार उपमंडल के दुर्गम क्षेत्र के गांव टिंडा को सड़क से जोड़ने की योजना अब धरातल पर उतरने लगी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बंजार क्षेत्र के दौरे के दौरान इस सड़क के निर्माण की आधारशिला रखी है। इसके चलते सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है।
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दरअसल, इसके निर्माण के लिए नाबार्ड से 4.65 करोड़ रुपये के बजट का भी प्रावधान किया जा चुका है। 4.5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण जल्द शुरू होगा। इसका निर्माण कार्य एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लोगों में भी सड़क निर्माण को लेकर खुशी का माहौल है। चूंकि, उनकी दशकों से चली आ रही मांग पूरी हो रही है। गौरतलब है कि क्षेत्र के ज्वाली से टिंडा बाया सेरीबिला देयोगी तक बनने वाली इस सड़क से सैकड़ों ग्रामीणों को फायदा पहुंचेगा। इनमें बड़ा गांव टिंडा है, जबकि सेरीबिला, देयोगी सहित अन्य उप गांव भी क्षेत्र में हैं, जिन्हें फायदा पहुंचेगा। लोगों की मानें तो वर्तमान में लोगों को साढ़े चार किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ रहा है। साथ में रोजमर्रा का सामान पीठ पर ढोना पड़ रहा है। बीमार लोगों को भी कुर्सी में बांधकर सड़क तक लाना पड़ता है।
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ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
गांव तक सड़क पहुंचने से न केवल ग्रामीणों को आने जाने की सुविधा होगी, बल्कि इससे क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र में प्राकृतिक सुंदरता है, जिससे यहां पर्यटक घूमने पहुंच सकते हैं। सड़क बनने से पर्यटक आसानी से गांव तक पहुंच सकेंगे और गांव के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।