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Kullu News: तीन घंटे तक जोर लगाकर लोगों ने खड़ा किया 73 फुट लंबा ध्वजस्तंभ
Wed, 06 Nov 2024 07:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 06 Nov 2024 07:35 AM IST
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मनाली के सियाल गांव में सियाली महादेव के मंदिर की प्रतिष्ठा के दौरान उपस्थित देवी-देवताओं के द
मनाली (कुल्लू)। पर्यटन नगरी मनाली का सियाल गांव सोमवार रात को देवशक्ति के साथ एकता में बल का गवाह बना। सियाली महादेव के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में आठ से अधिक देवी-देवताओं की सामूहिक देवशक्ति और हजारों लोगों के जोर से 73 फुट लंबे ध्वजस्तंभ को महादेव के प्रांगण में खड़ा किया गया।
ध्वजस्तंभ को खड़ा करने का यह देव समारोह करीब तीन घंटे तक चला। रात करीब 12:00 बजे ध्वजारोहण समारोह संपन्न हुआ, जबकि मंगलवार सुबह लगभग चार बजे मंदिर में सूत्र बंधन की देव परंपरा का निर्वहन किया गया। प्रतिष्ठा संपन्न होने पर मंगलवार को देवभोज का भी आयोजन हुआ। सियाल गांव में महादेव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में ध्वजारोहण आकर्षण का केंद्र रहा।
ध्वजस्तंभ के चारों ओर रस्सों से हजारों लोगों ने अपने बल का प्रयोग कर एकता में बल का संदेश दिया। इस दौरान पूरा परिवेश हर-हर महादेव के जयकारे से गूंज उठा। प्रतिष्ठा समारोह में देवता शंख नारायण नसोगी, कार्तिक स्वामी सिमसा, गणपति घुड़दौड़, माता हिडिंबा और मनु ऋषि मनाली गांव, देवता नारायण लीगन, माता पार्वती व कार्तिक स्वामी खखनाल भी शामिल रहे।
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रात 12:00 बजे ध्वजारोहण के बाद सुबह सूत्र बंधन हुआ। इसमे सभी देवी देवताओं ने मंदिर की परिक्रमा की। मंगलवार को दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। देवता सियाली महादेव के कारदार जय चंद ठाकुर ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2005 में मंदिर की प्रतिष्ठा हुई थी। इसके बाद पुनः मंदिर का निर्माण कर प्राण प्रतिष्ठा की गई।
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ध्वजस्तंभ को खड़ा करने का यह देव समारोह करीब तीन घंटे तक चला। रात करीब 12:00 बजे ध्वजारोहण समारोह संपन्न हुआ, जबकि मंगलवार सुबह लगभग चार बजे मंदिर में सूत्र बंधन की देव परंपरा का निर्वहन किया गया। प्रतिष्ठा संपन्न होने पर मंगलवार को देवभोज का भी आयोजन हुआ। सियाल गांव में महादेव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में ध्वजारोहण आकर्षण का केंद्र रहा।
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ध्वजस्तंभ के चारों ओर रस्सों से हजारों लोगों ने अपने बल का प्रयोग कर एकता में बल का संदेश दिया। इस दौरान पूरा परिवेश हर-हर महादेव के जयकारे से गूंज उठा। प्रतिष्ठा समारोह में देवता शंख नारायण नसोगी, कार्तिक स्वामी सिमसा, गणपति घुड़दौड़, माता हिडिंबा और मनु ऋषि मनाली गांव, देवता नारायण लीगन, माता पार्वती व कार्तिक स्वामी खखनाल भी शामिल रहे।
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रात 12:00 बजे ध्वजारोहण के बाद सुबह सूत्र बंधन हुआ। इसमे सभी देवी देवताओं ने मंदिर की परिक्रमा की। मंगलवार को दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। देवता सियाली महादेव के कारदार जय चंद ठाकुर ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2005 में मंदिर की प्रतिष्ठा हुई थी। इसके बाद पुनः मंदिर का निर्माण कर प्राण प्रतिष्ठा की गई।