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मकर संक्रांति पर लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। कड़ाके की ठंड में मकर संक्रांति पर जिले के धार्मिक स्थलों में सैकड़ों लोगों ने डुबकी लगाई। जिलावासियों ने सुबह पौ फटने सेे पहले धार्मिक नगरी मणिकर्ण, ब्यास-पार्वती संगम स्थल जिया, वशिष्ठ, क्लाथ और खीरगंगा में लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई।
माइनस तापमान और कड़ाके की ठंड में लोगों ने सदियों पुरानी परंपरा निभाई। मकर संक्रांति पर मनाए जाने वाला माघ शौयरी साजा को भी जिले के शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक धूमधाम से मनाया गया। माघ शौयरी साजा के अवसर पर लोगों ने देवी-देवताओं और बुजुर्गों को जूब देकर आशीर्वाद लिया। जिले के ग्रामीण इलाकों में दिनभर जूब बांटने का सिलसिला चलता रहा। मेहमानों को पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। देसी घी, खिचड़ी, बबरू, सहित अन्य व्यंजनों से पूरी घाटी महक उठी। कई इलाकों में परंपरा अनुसार बकरे भी काटे गए। सुबह पौ फटते ही स्नान करने के बाद अपने ईष्ट देवी-देवताओं की विशेष पूजा की। जिलावासी निका राम, भोज राज, उज्ज्वल ठाकुर, सुनीता, सरसा, अनीता तथा मीना ने कहा कि लोगों ने जहां धार्मिक स्थलों पर हर साल की तरह डुबकी लगाई है, वहीं शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में साजे को धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने देवी-देवताओं को जूब चढ़ाकर पूजा पाठ किया। जिले के बाह्य सराज से लेकर बंजार, सैंज, भुंतर, कुल्लू सहित ऊझी घाटी में मकर संक्रांति की धूम रही।
रघुनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने खाई खिचड़ी
कुल्लू। जिले के अधिष्ठाता देवता भगवान रघुनाथ के मंदिर में मकर संक्रांति पर खिचड़ी का भंडारा लगाया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में खिचड़ी का स्वाद चखकर रघुनाथ का आशीर्वाद लिया। इससे पहले भगवान रघुनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई। ढोल-नगाड़ों की थाप पर पूजा के बाद भगवान को भोग लगाया गया।
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कुल्लू। कड़ाके की ठंड में मकर संक्रांति पर जिले के धार्मिक स्थलों में सैकड़ों लोगों ने डुबकी लगाई। जिलावासियों ने सुबह पौ फटने सेे पहले धार्मिक नगरी मणिकर्ण, ब्यास-पार्वती संगम स्थल जिया, वशिष्ठ, क्लाथ और खीरगंगा में लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई।
माइनस तापमान और कड़ाके की ठंड में लोगों ने सदियों पुरानी परंपरा निभाई। मकर संक्रांति पर मनाए जाने वाला माघ शौयरी साजा को भी जिले के शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक धूमधाम से मनाया गया। माघ शौयरी साजा के अवसर पर लोगों ने देवी-देवताओं और बुजुर्गों को जूब देकर आशीर्वाद लिया। जिले के ग्रामीण इलाकों में दिनभर जूब बांटने का सिलसिला चलता रहा। मेहमानों को पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। देसी घी, खिचड़ी, बबरू, सहित अन्य व्यंजनों से पूरी घाटी महक उठी। कई इलाकों में परंपरा अनुसार बकरे भी काटे गए। सुबह पौ फटते ही स्नान करने के बाद अपने ईष्ट देवी-देवताओं की विशेष पूजा की। जिलावासी निका राम, भोज राज, उज्ज्वल ठाकुर, सुनीता, सरसा, अनीता तथा मीना ने कहा कि लोगों ने जहां धार्मिक स्थलों पर हर साल की तरह डुबकी लगाई है, वहीं शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में साजे को धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने देवी-देवताओं को जूब चढ़ाकर पूजा पाठ किया। जिले के बाह्य सराज से लेकर बंजार, सैंज, भुंतर, कुल्लू सहित ऊझी घाटी में मकर संक्रांति की धूम रही।
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रघुनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने खाई खिचड़ी
कुल्लू। जिले के अधिष्ठाता देवता भगवान रघुनाथ के मंदिर में मकर संक्रांति पर खिचड़ी का भंडारा लगाया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में खिचड़ी का स्वाद चखकर रघुनाथ का आशीर्वाद लिया। इससे पहले भगवान रघुनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई। ढोल-नगाड़ों की थाप पर पूजा के बाद भगवान को भोग लगाया गया।
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