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नाटी डालने नहीं पहुंचे 50 फीसदी महिला-पुरुष
कुल्लू
Updated Sat, 15 Oct 2016 06:15 PM IST
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फोजल मेले में देवताओं संग नाटी नाचते लोग
- फोटो : अमर उजाला
अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के दौरान प्राइड ऑफ कुल्लू में नाचने के लिए इस बार महिला-पुरुषों मेें रुचि नहीं दिखाई है। हालांकि सामूहिक नाटी के लिए सात हजार से अधिक महिला-पुरूषों ने पंजीकरण करवाया था। वहीं प्रशासनिक दावे के अनुसार करीब साढ़े तीन हजार महिला-पुरुषों ने नाटी में भाग लिया। शुरूआती दौर में प्रशासन की ओर से नाटी में करीब नौ से दस हजार महिला-पुरूष भाग लेने का दावा किया जा रहा था, लेकिन आयोजन के दिन मात्र साढ़े तीन हजार ही प्रतिभागी मौके पर पहुंच पाए। सामूहिक नाटी के लिए पंजीकरण प्रक्रिया दशहरे से पहले से चली रही।
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प्रशासनिक दावे के अनुसार 13 अक्तूबर तक सामूहिक नाटी के लिए सात हजार से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण करवा लिया था, लेकिन पंजीकरण के मुताबिक नाटी में लिए महिला व पुरूषों की भीड़ नहीं उमड़ पाई। पुरूष प्रतिभागियों की संख्या नाममात्र रही। गिने-चुने पुरूषों ने ही नाटी में भाग लिया। हालांकि महिलाओं ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। नाटी के लिए कई बुर्जुग महिलाएं दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंची। गत वर्ष की भांति इस बार भी अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं में क्रेज रहा, लेकिन अधिक संख्या न जुट पाई। लोक गायक ठाकुर दास राठी, नरेंद्र ठाकुर, गोपाल शर्मा समेत अन्य गायकों ने पहाड़ी नाटियां गाईं। सामूहिक तौर पर सभी लोक गायकों ने खूब समां बांधा। बाद में लोक गायक ठाकुर दास राठी ने बेटी है अनमोल गीत गाकर दर्शकों व प्रतिभागियों को खूब मनोरंजन किया।
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