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बरसात में अब नहीं सताएगा पागल नाला

Wed, 27 Apr 2022 11:09 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Apr 2022 11:09 PM IST
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Pagal nala will not bother me anymore in the rain
संवाद न्यूज एजेंसी
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सैंज (कुल्लू)। चार दशक से लारजी-सैंज सड़क पर लोगों के लिए सिरदर्द बने पागल नाले की समस्या अब जल्द दूर होगी। सैंज के तलाड़ा में 30 लाख की लागत से पुल बनकर तैयार होगा।
लोक निर्माण विभाग ने इसका निर्माण कार्य शुुरू कर दिया है, जो कि युद्घस्तर पर चला है। इस पुल के तैयार होने के बाद 20 पंचायत की हजारों की आबादी को लाभ मिलेगा। किसानों-बागवानों को भी फसलें समय पर सब्जी मंडियों में पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। बरसात के मौसम में हल्की बारिश होने पर तलाड़ा के पास पागल नाला आ जाता है। इससे औट-लारजी-सैंज मार्ग कई घंटों तक बंद रहता है। इससे मुसाफिरों समेत वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है। बरसात में पागल नाले में बाढ़ आने से कई बार वाहन भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। बता दें कि घाटी की जनता चार दशकों से नाले पर मलबे की रोकथाम करने और पुल बनाने की मांग कई बार उठा चुकी है। हाल ही में बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने यहां 30 लाख की लागत से बनने जा रहे पुल का शुभारंभ किया है। दुशाहड़ पंचायत की प्रधान सीता देवी, रैला के प्रधान जोगिंद्र सोनी, धाउगी की प्रधान विमला देवी, तलाड़ा के प्रधान मोहर सिंह और देहुरीधार के प्रधान भगत राम ने कहा कि पागल नाले का स्थायी समाधान होने से सैंज की जनता ने राहत की सांस ली है। उधर, विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि पागल नाले में पुल जल्द बनकर तैयार होगा।
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नेशनल पार्क और परियोजना प्रबंधन भी परेशान
पागल नाले पर बार-बार सड़क बंद रहने से सैंज घाटी में विश्व धरोहर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क और तीन बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं की गतिविधियां भी लंबे समय से प्रभावित हो रही हैं। पागल नाले के कारण पार्क में जाने वाले शोधकर्ता, पर्यटक और वैज्ञानिक सैंज घाटी में प्रवेश करने से कतराते हैं।
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कई बार सड़क पर उत्पाद फेंक देते हैं किसान
पागल नाले का कहर बरपने से किसाना सबसे अधिक नुकसान झेल चुके हैं। सब्जी मंडी में समय पर उत्पाद न पहुंच पाने से किसान कई बार यहां टमाटर, प्लम, नाशापती उत्पादों को सड़क पर फेंककर लौट जाते हैं। बरसात के कारण बाढ़ आने से नाला कई घंटों तक बंद रहता है। किसान राम लाल, देव राज, अमर सिंह ने कहा कि बरसात के दिनों में पागल नाले का कहर आफत बन कर टूटता है। यहां प्राकृतिक तौर पर निकलने वाला मलबा सड़क पर यातायात बाधित कर देता है। अब पुल बनने से इस समस्या से निजात मिलेगी।
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