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Kullu News: अब जान जोखिम में डाल पार नहीं करना पड़ेगा कशेरी नाला
Sat, 18 Jul 2026 10:58 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 18 Jul 2026 10:58 AM IST
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कशेरी नाला पुल।
पतलीकूहल (कुल्लू)। पतलीकूहल से सटी पहाड़ी पर स्थित दुर्गम क्षेत्र कशेरी के लोगों को लंबे इंतजार के बाद राहत मिली है। लोक निर्माण विभाग (मेकेनिकल विंग) ने करीब 50 लाख रुपये की लागत से कशेरी नाले पर नए पुल का निर्माण पूरा कर दिया है। इसके साथ ही दो वर्षों से बनी आवागमन की बड़ी समस्या का समाधान हो गया है।
वर्ष 2025 की भीषण बाढ़ में कशेरी नाले पर बना पुराना पुल बह गया था। इसके बाद ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज, बच्चों को स्कूल भेजने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और कृषि-बागवानी से जुड़े सामान की ढुलाई के लिए उफनते नाले को पैदल पार करना पड़ता था।
बरसात के दौरान नाले का जलस्तर बढ़ने पर हर बार हादसे का खतरा बना रहता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे अस्थायी व्यवस्थाओं के सहारे आवाजाही कर रहे थे। कई बार बारिश के दौरान घंटों तक नाले के दोनों ओर फंसे रहना पड़ता था।
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सेब सीजन और कृषि कार्यों के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती थी। नए पुल के बनने से अब किसानों, बागवानों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को सुरक्षित तथा सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनूप शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 की बाढ़ में पुराना पुल पूरी तरह बह गया था। तकनीकी सर्वेक्षण और आवश्यक स्वीकृतियों के बाद लगभग 50 लाख रुपये की लागत से नए पुल का निर्माण कराया गया है।
मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में भी आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। कशेरी पुल क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जो अब पूरी हो गई है। पुल बनने से सुरक्षित आवागमन के साथ क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।
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वर्ष 2025 की भीषण बाढ़ में कशेरी नाले पर बना पुराना पुल बह गया था। इसके बाद ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज, बच्चों को स्कूल भेजने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और कृषि-बागवानी से जुड़े सामान की ढुलाई के लिए उफनते नाले को पैदल पार करना पड़ता था।
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बरसात के दौरान नाले का जलस्तर बढ़ने पर हर बार हादसे का खतरा बना रहता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे अस्थायी व्यवस्थाओं के सहारे आवाजाही कर रहे थे। कई बार बारिश के दौरान घंटों तक नाले के दोनों ओर फंसे रहना पड़ता था।
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सेब सीजन और कृषि कार्यों के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती थी। नए पुल के बनने से अब किसानों, बागवानों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को सुरक्षित तथा सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनूप शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 की बाढ़ में पुराना पुल पूरी तरह बह गया था। तकनीकी सर्वेक्षण और आवश्यक स्वीकृतियों के बाद लगभग 50 लाख रुपये की लागत से नए पुल का निर्माण कराया गया है।
मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में भी आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। कशेरी पुल क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जो अब पूरी हो गई है। पुल बनने से सुरक्षित आवागमन के साथ क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।