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एससी-एसटी परिवार नहीं, फिर भी वार्ड आरक्षित
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कुल्लू। एससी-एसटी और अन्य आरक्षित परिवार नहीं है, फिर भी वार्ड को आरक्षित कर दिया है। जिले की कुछ पंचायतों में उपचुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव में आरक्षण रोस्टर ने कई उम्मीदवारों के सपनों पर पानी फेर दिया है।
कई जगह पर रोस्टर लोगों के लिए अच्छा साबित हो रहा है। जिला कुल्लू की ग्राम पंचायत न्यूल का वार्ड नंबर तीन सुजेहणी इस बार अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित है। हालांकि सुजेहणी वार्ड के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने सोमवार को विरोध जताते हुए उपायुक्त कुल्लू को शिकायतपत्र सौंपा है और रोस्टर में की गई गलती को सुधारने की मांग की। हैरानी की बात यह है कि इस वार्ड में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग तक का एक भी परिवार या निवासी नहीं है। इसके बावजूद वार्ड को आरक्षित रखा गया है। इसके चलते दूसरे वार्ड के एक उम्मीदवार ने नामांकन भरा है। ऐसे में यह उम्मीदवार लोगों के विरोध के बावजूद निर्विरोध चुना जाएगा। ग्रामीण दीना नाथ ने कहा कि चुनाव आयोग ने ऐेसा वार्ड अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित किया है, जिसमें एक भी निवासी इससे संबंधित नहीं है। ग्रामीणों ने रोस्टर जारी होते ही इसका विरोध किया था। लेकिन उनकी मांग को दरकिनार किया गया है। इस दौरान केशव राम, सेसराम, रमेश, हीरामणि, पार्वती, दुर्गा देवी, हीरा देवी, देवकला, लता देवी, ढाली देवी, ऋषिता, भगत राम, प्रीतम आदि उपस्थित रहे।
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कई जगह पर रोस्टर लोगों के लिए अच्छा साबित हो रहा है। जिला कुल्लू की ग्राम पंचायत न्यूल का वार्ड नंबर तीन सुजेहणी इस बार अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित है। हालांकि सुजेहणी वार्ड के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने सोमवार को विरोध जताते हुए उपायुक्त कुल्लू को शिकायतपत्र सौंपा है और रोस्टर में की गई गलती को सुधारने की मांग की। हैरानी की बात यह है कि इस वार्ड में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग तक का एक भी परिवार या निवासी नहीं है। इसके बावजूद वार्ड को आरक्षित रखा गया है। इसके चलते दूसरे वार्ड के एक उम्मीदवार ने नामांकन भरा है। ऐसे में यह उम्मीदवार लोगों के विरोध के बावजूद निर्विरोध चुना जाएगा। ग्रामीण दीना नाथ ने कहा कि चुनाव आयोग ने ऐेसा वार्ड अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित किया है, जिसमें एक भी निवासी इससे संबंधित नहीं है। ग्रामीणों ने रोस्टर जारी होते ही इसका विरोध किया था। लेकिन उनकी मांग को दरकिनार किया गया है। इस दौरान केशव राम, सेसराम, रमेश, हीरामणि, पार्वती, दुर्गा देवी, हीरा देवी, देवकला, लता देवी, ढाली देवी, ऋषिता, भगत राम, प्रीतम आदि उपस्थित रहे।
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