फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   ngt

7 मील में उड़ाई जा रही एनजीटी के निर्देशों की धज्जियां

Mon, 16 Dec 2019 07:33 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Dec 2019 07:33 PM IST
विज्ञापन
ngt
मनाली (कुल्लू)। कुल्लू-मनाली एनएच पर स्थित 17 मील में एनजीटी के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ब्यास नदी के बीचोंबीच मशीन लगाकर नदी के रुख से छेड़छाड़ की जा रही है लेकिन प्रशासन खामोश बैठा हुआ है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति रोष है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अपनी निजी भूमि बचाने के नाम पर तो कभी पुल की मरम्मत के नाम पर जेसीबी मशीन को नदी में उतार कर नदी के रुख से छेड़छाड़ की जाती है। इससे 17 और 18 मील गांव खतरे के दायरे में आ गए हैं। दोनों ही गांव नदी के साथ बसे हुए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कि दोनों ही गांव हर वर्ष नदी में बाढ़ का दंश झेलते हैं। ब्यास के रौद्र रूप को देखकर लोगों की जान पर बन आती है। इसके बावजूद नदी में अवैध रूप से मशीनें लगाकर नदी का रुख मोड़ा जा रहा है। बरान पंचायत प्रधान चंदु राम, पंच राकेश शर्मा, पुष्प देवी, ग्रामीण पवन ठाकुर, ठाकुर दास, मोहन लाल, मेहर चंद, बबली, राम कृष्ण आदि ने कहा कि कुछ माह पूर्व भी नदी के दूसरी तरफ बनी एक कैंप साइट को बचाने के लिए इसके संचालक नदी का बहाव गांव की तरफ मोड़ दिया था। लोगों की शिकायत के बाद पुलिस और बीडीओ मौके पर पहुंचे थे। चेतावनी के बाद मशीन को इस शर्त पर जाने दिया था कि वह हटाए गए मलबे को वापस उसी स्थान पर रखकर नदी के रुख से छेड़छाड़ नहीं करेगा। अब एक बार 17 मील पुल के पास पुल का ठेकेदार शटरिंग हटाने की नाम पर नदी के रुख से छेड़छाड़ कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन मामले को लेकर खामोश बैठा हुआ है। एनजीटी के नियमों को ताक पर रखने वालों पर कार्रवाई की जाए। इस संबंध में लोनिवि एसडीओ पीके राणा ने कहा कि पुल को दुरुस्त करने का कार्य किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed