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Kullu News: नर्सरी में तयार सेब और प्लम की नई पौध को नहीं मिल रहे खरीदार

Mon, 18 Nov 2024 10:24 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Mon, 18 Nov 2024 10:24 PM IST
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New saplings of apple and plum prepared in nursery are not getting buyers
कुल्लू के थरास में एक नर्सरी में सेब के पौधे, जिनके लिए अभी तक ऑर्डर नहीं मिले हैं। संवाद
सूखे जैसे हालात के बीच अभी तक नहीं मिला ऑर्डर, न ही बागवान कर रहे पूछताछ
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प्रदेश के बाहर अन्य राज्यों में जाते हैं पौधे, बिना बारिश पौधों को बचाना हुआ मुश्किल
बलदेव राज

कुल्लू। सूबे में पिछले ढाई महीने से अधिक समय से बारिश न होने के कारण कृषि और बागवानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कुल्लू की नर्सरियों में भी सेब, प्लम, खुमानी, जापानी फल आदि की नई पौध को खरीदारों का इंतजार है।
सूखे जैसे हालात के चलते न तो अभी तक नर्सरी संचालकों को नए पौधों के लिए ऑर्डर मिल रहे हैं और न ही बागवान सेब, प्लम सहित अन्य फलदार पौधों की खरीद के लिए पूछताछ कर रहे हैं। बारिश ठीक रहने पर नवंबर में कई नर्सरी संचालकों के पास ऑर्डर बुक भी हो जाते थे। अभी तक नर्सरी संचालकों को ऑर्डर नहीं मिले हैं, इसके पीछे सूखे जैसे हालात मुख्य वजह हैं। गौर रहे कि कुल्लू जिले में 15 दिसंबर के बाद नर्सरी से नई पौध निकालने का क्रम शुरू हो जाएगा। इस बार जिस तरह हालात बने हैं, नर्सरी संचालकों को लगाए पौधों को टिकाना और उन्हें बचाना मुश्किल हो गया है। बागवानों के साथ नर्सरी चलाने वाले भी आसमान की ओर टकटकी लगाए हैं। बारिश होने के बाद ही बागवान बगीचों में सेब, प्लम, खुमानी की नई पौध लगाने के बारे में सोच पाएंगे।
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जिले से हर साल हजारों की संख्या में जापानी फल, सेब व प्लम के पौधे जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड सहित अन्य पहाड़ी राज्यों में जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कुल्लू की नर्सरियों में तैयार होने वाले पौधे उत्तम गुणवत्ता के होते हैं। इसके बेहतर परिणाम आते हैं।
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नर्सरियों में सेब, प्लम, जापानी फल के हजारों पौधे लगे हैं। नर्सरी संचालकों के पास अभी कोई ऑर्डर नहीं आया है। नवंबर में ऑर्डर आना शुरू हो जाते थे। बारिश न होने के कारण नर्सरी संचालकों का काम भी प्रभावित हुआ है। - बनवारी शर्मा, संचालक, शर्मा नर्सरी थरास


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जिले में हैं करीब 500 नर्सरियां
जिले में निजी और सरकारी नर्सरियाें को मिलाकर करीब 500 नर्सरियां हैं। इनसे सैकड़ों लोगों का रोजगार जुड़ा है। बजौरा, भुंतर, हुरला, थरास, मौहल, सेउबाग, काईस, रायसन आदि जगह सेब, प्लम की नर्सरियां हैं। नर्सरी में सेब का एक पौधा 100 से 150 रुपये के बीच मिलता है। प्लम के पौधे की कीमत कम रहती है।
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