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नया भवन तैयार, फिर भी किराये के भवन में चल रहा स्वास्थ्य उपकेंद्र
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बंजार में स्वास्थ्य उपकेंद्र शरची का बना नया भवन। -संवाद
- फोटो : Kullu
संवाद न्यूज एजेंसी
गुशैणी (कुल्लू)। उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। स्वास्थ्य उपकेंद्र शरची का नया भवन एक साल पहले बनकर तैयार हो गया है। इसके बावजूद स्वास्थ्य केंद्र पुराने निजी भवन में किराये पर चल रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि स्वास्थ्य उपकेंद्र शरची को नए भवन में क्यों स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है।
उपकेंद्र में एक ही महिला स्वास्थ्य कर्मचारी है। वह भी यहां पर नियमित रूप से सेवाएं नहीं दे पा रही है। स्वास्थ्य कर्मचारी को डेपुटेशन पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुशैणी जाना पड़ता है। ऐसे में महिला स्वास्थ्य कर्मचारी शरची उपकेंद्र में दो सप्ताह में करीब एक दिन ही सेवाएं देने आती है। इससे ग्राम पंचायत शरची के हजारों बाशिंदों को सर्दी-जुकाम, बुखार समेत अन्य दवाइयां लेने के लिए भी 18 किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुशैणी जाना पड़ता है। उधर, इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश बौद्ध ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनकर तैयार है, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने इसे अभी स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित नहीं किया है। कहा कि स्टाफ की कमी से भी उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
पंचायत के इन गांवों को मिलेगा फायदा
स्वास्थ्य उपकेंद्र शरची नए भवन में स्थानांतरित और स्टाफ की नियुक्ति होने
से ग्राम पंचायत शरची के दस गांवों की जनता को फायदा मिलेगा। पंचायत में शरची, पेखड़ी, जमाला, डूगागाड़, बुसारी, तलिहार, झोटली, बांदल, निचला बांदल, शीशाडू आदि गांव के लोगों को मामूली बीमारी के लिए उपचार के लिए नहीं भटकना पड़ेगा।
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पूर्व मंत्री कर्ण सिंह ने रखी थी आधारशिला
तत्कालीन मंत्री स्व. कर्ण सिंह ने दस साल पूर्व स्वास्थ्य उपकेंद्र
शरची की आधारशिला रखी थी, लेकिन अभी तक ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए भवन को समर्पित नहीं किया गया है।
महिलाओं और बच्चों को अधिक परेशानी
आशा देवी ने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्र शरची में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से महिलाओं और बच्चों को अधिक परेशानी हो रही है। बीमारी की हालत में कई किलोमीटर दूर जाकर उपचार करवाना पड़ रहा है।
गुशैणी और बंजार जाने को विवश ग्रामीण
दलीप सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्र में मरीजों का उपचार नहीं हो
रहा है। स्टाफ की कमी के कारण ग्रामीणों को मजबूरी में उपचार के लिए घर द्वार के बजाय नागरिक अस्पताल बंजार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुशैणी जाना पड़ता है।
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गुशैणी (कुल्लू)। उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। स्वास्थ्य उपकेंद्र शरची का नया भवन एक साल पहले बनकर तैयार हो गया है। इसके बावजूद स्वास्थ्य केंद्र पुराने निजी भवन में किराये पर चल रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि स्वास्थ्य उपकेंद्र शरची को नए भवन में क्यों स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है।
उपकेंद्र में एक ही महिला स्वास्थ्य कर्मचारी है। वह भी यहां पर नियमित रूप से सेवाएं नहीं दे पा रही है। स्वास्थ्य कर्मचारी को डेपुटेशन पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुशैणी जाना पड़ता है। ऐसे में महिला स्वास्थ्य कर्मचारी शरची उपकेंद्र में दो सप्ताह में करीब एक दिन ही सेवाएं देने आती है। इससे ग्राम पंचायत शरची के हजारों बाशिंदों को सर्दी-जुकाम, बुखार समेत अन्य दवाइयां लेने के लिए भी 18 किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुशैणी जाना पड़ता है। उधर, इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश बौद्ध ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनकर तैयार है, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने इसे अभी स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित नहीं किया है। कहा कि स्टाफ की कमी से भी उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
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पंचायत के इन गांवों को मिलेगा फायदा
स्वास्थ्य उपकेंद्र शरची नए भवन में स्थानांतरित और स्टाफ की नियुक्ति होने
से ग्राम पंचायत शरची के दस गांवों की जनता को फायदा मिलेगा। पंचायत में शरची, पेखड़ी, जमाला, डूगागाड़, बुसारी, तलिहार, झोटली, बांदल, निचला बांदल, शीशाडू आदि गांव के लोगों को मामूली बीमारी के लिए उपचार के लिए नहीं भटकना पड़ेगा।
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पूर्व मंत्री कर्ण सिंह ने रखी थी आधारशिला
तत्कालीन मंत्री स्व. कर्ण सिंह ने दस साल पूर्व स्वास्थ्य उपकेंद्र
शरची की आधारशिला रखी थी, लेकिन अभी तक ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए भवन को समर्पित नहीं किया गया है।
महिलाओं और बच्चों को अधिक परेशानी
आशा देवी ने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्र शरची में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से महिलाओं और बच्चों को अधिक परेशानी हो रही है। बीमारी की हालत में कई किलोमीटर दूर जाकर उपचार करवाना पड़ रहा है।
गुशैणी और बंजार जाने को विवश ग्रामीण
दलीप सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्र में मरीजों का उपचार नहीं हो
रहा है। स्टाफ की कमी के कारण ग्रामीणों को मजबूरी में उपचार के लिए घर द्वार के बजाय नागरिक अस्पताल बंजार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुशैणी जाना पड़ता है।