प्राइड ऑफ कुल्लू नाटी से बढ़ा महिलाओं का मान
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अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में शनिवार को हुई प्राइड कुल्लू नाटी से महिलाओं का मान बढ़ा है। कुल्लू की महिलाओं ने एक मंच पर इकट्ठा होकर पूरे देश को संदेश दिया है। वर्ल्ड हैंडवाश डे पर आयोजित हुए प्राइड ऑफ कुल्लू नाटी में इस बार करीब 3500 महिलाओं ने हिस्सा लिया। हालांकि पिछली बार बने गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड से यह संख्या बेहद कम थी, लेकिन ढालपुर के रथ मैदान में महिलाओं द्वारा शानदार नाटी डाली गई। नाटी में भाग लेने आई चंद्रा ठाकुर ने कहा कि नाटी के माध्यम से महिलाओं ने बता दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। महिलाओं ने पूरे देश को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया।
वेद प्रभा ने कहा कि प्राइड ऑफ कुल्लू की परंपरा से महिलाओं का मान बढ़ा है। पूरे जिला की महिलाएं एक मंच पर इकट्ठा हुई। महिलाओं को इतनी बड़ी संख्या में एक जगह पर नाचना बड़ी बात है। रामदेई ने कहा कि महिलाओं ने कामकाज छोड़कर इस आयोजन में हिस्सा लिया। वीना भारद्वाज ने कहा कि जबसे कुल्लू नाटी शुरू हुई है। महिलाओं में कुल्लवी पट्टू और धाठू का प्रचलन बढ़ा है। महिलाएं अब विवाह शादियों के अलावा अन्य कार्यक्रमों में कुल्लवी पट्टू लगाकर शामिल होती हैं। जो कुल्लवी संस्कृति के लिए बेहद अच्छी खबर है। इधर उर्मिला ठाकुर ने कहा कि प्राईड ऑफ कुल्लू नाटी में हर वर्ग की महिलाओं ने हिस्सा लिया। नाटी को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिला। प्राइड ऑफ कुल्लू नाटी में बालक राज, इश्वरी शर्मा, सूरत ठाकुर, सुखदास नैय्यर, शिव चंद, टेढ़ी सिंह नेगी, माधो कैलाश, हरिचंद, अश्वनी शर्मा, किशन ठाकुर, गुलाब सिंह, प्रेम चंद, राम सिंह, मुकेश, महिंद्र सिंह, परमानंद, मेहर चंद, इंद्रदेव शास्त्री, नीरत सिंह, हेम सिंह, संगत राम, तुले राम, संगत राम आदि स्टीवर्ड ने सेवाएं प्रदान की।