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Kullu News: दुग्ध उत्पादकों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
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कुल्लू। हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ कुल्लू के प्रतिनिधिमंडल ने संयोजक मोती राम कटवाल की अध्यक्षता में दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं और मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
यह ज्ञापन दुग्ध खरीद सहायक, दुग्ध केंद्र-मौहल के माध्यम से भेजा गया। संयोजक मोती राम कटवाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की 90 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और कृषि-बागबानी एवं पशुपालन उनका मुख्य व्यवसाय है। पशुपालक वर्तमान समय में आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं। उनकी सुनवाई न के बराबर हो रही है।
उन्होंने कहा कि पशुपालकों को वर्तमान समय में 22 से लेकर 35 रुपये प्रति किलोग्राम तक दूध के दाम मिल रहे हैं, जो लागत मूल्य से काफी कम है। ऐसे में सरकार को दूध का न्यूनतम मूल्य निर्धारित कर पशुपालकों को राहत प्रदान करनी चाहिए।
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संघ ने मुख्यमंत्री को छह सूत्रीय मांग पत्र भेजा है, जिसमें दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने, दूध के दाम की राशि हर माह दस तारीख से पहले देने, सभी प्लांटों पर फीड डिमांड के आधार पर सस्ता उपलब्ध करवाने, पशु औषधालयों और दूध प्लांटों में रिक्त पदों को भरने, मिल्क फेडरेशन के बजट में वृद्धि करने और पशु औषधालयों में उन्नत किस्म के स्पर्म, तकनीक और दवाइयों का प्रबंधन करना मुख्य मांगों में शामिल है। संवाद
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यह ज्ञापन दुग्ध खरीद सहायक, दुग्ध केंद्र-मौहल के माध्यम से भेजा गया। संयोजक मोती राम कटवाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की 90 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और कृषि-बागबानी एवं पशुपालन उनका मुख्य व्यवसाय है। पशुपालक वर्तमान समय में आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं। उनकी सुनवाई न के बराबर हो रही है।
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उन्होंने कहा कि पशुपालकों को वर्तमान समय में 22 से लेकर 35 रुपये प्रति किलोग्राम तक दूध के दाम मिल रहे हैं, जो लागत मूल्य से काफी कम है। ऐसे में सरकार को दूध का न्यूनतम मूल्य निर्धारित कर पशुपालकों को राहत प्रदान करनी चाहिए।
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संघ ने मुख्यमंत्री को छह सूत्रीय मांग पत्र भेजा है, जिसमें दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने, दूध के दाम की राशि हर माह दस तारीख से पहले देने, सभी प्लांटों पर फीड डिमांड के आधार पर सस्ता उपलब्ध करवाने, पशु औषधालयों और दूध प्लांटों में रिक्त पदों को भरने, मिल्क फेडरेशन के बजट में वृद्धि करने और पशु औषधालयों में उन्नत किस्म के स्पर्म, तकनीक और दवाइयों का प्रबंधन करना मुख्य मांगों में शामिल है। संवाद