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शिवलिंग पर चढ़ाया दूध, दही और बिल्व पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू/खराहल। जिले के सभी मंदिरों में महाशिवरात्रि पर्व पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। साथ ही शिवलिंग पर दूध, दही और बिल्व पत्र चढ़ाकर आशीर्वाद लिया। सुबह से ही शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी।
देवाधिदेव महादेव के बिजली महादेव मंदिर में मंगलवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। आराध्य देव के ऐतिहासिक शिवलिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं ने लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ सटी खराहल घाटी की चोटी पर स्थित इस देवालय को शिवरात्रि के लिए विशेष तौर सजाया गया है।
गौरतलब है कि सुबह सबसे पहले तीन माह के बाद मंदिर के कपाट को खोला गया। उसके बाद मंदिर में देवविधान के साथ आरती की गई। देवता के पुरोहित ने नर्गिस के फूलों और पांजा के पत्तों से बने विशेष चैंसर को शिवलिंग पर चढ़ाया। मंदिर में कुल्लू के दूरदराज के गांवों के लोगों के अलावा अन्य जिलों के भक्त भी पहुंचे। देवलू श्याम शर्मा, महेश, मनोज शर्मा, चुनी लाल ने कहा कि मंदिर में सुबह ही भक्त भारी तादाद में पहुंचे। देवता के कारदार अमर नाथ नेगी ने कहा कि इस साल मंदिर में गत वर्ष की अपेक्षा श्रद्धालुओं की अधिक संख्या रही। शिवलिंग के दर्शन कर भोले नाथ से मन्नतें भी मांगी। उधर, जुआणी महादेव न्योली में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। देवता के कारदार ओमप्रकाश ने कहा कि मंदिर में चैंसर देवविधि से चढ़ाया और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा है। थान देवता के मंदिर में भी देवता के पुजारी भोले राम भंडारी ने शिलिंग पर चैंसर को देव परंपरा अनुसार चढ़ाया।
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भुंतर शिव मंदिर में दर्शन के लिए लगीं कतारें
भुंतर (कुल्लू)। महाशिवरात्रि पर्व पर भुंतर स्थित शिव मंदिर में भक्तों की कतारें लगी रही। इस दौरान बम-बम भोले के जयकारे भी लगते रहे। शिव मंदिर के पुजारी मोहन ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था। इस दिन भगवान शिव के करोड़ों भक्त उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। महाशिवरात्रि पर शिव का पूजन एवं अभिषेक किया। शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, अबीर, गुलाल, बेर, उम्बी अर्पित किए।
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कुल्लू/खराहल। जिले के सभी मंदिरों में महाशिवरात्रि पर्व पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। साथ ही शिवलिंग पर दूध, दही और बिल्व पत्र चढ़ाकर आशीर्वाद लिया। सुबह से ही शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी।
देवाधिदेव महादेव के बिजली महादेव मंदिर में मंगलवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। आराध्य देव के ऐतिहासिक शिवलिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं ने लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ सटी खराहल घाटी की चोटी पर स्थित इस देवालय को शिवरात्रि के लिए विशेष तौर सजाया गया है।
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गौरतलब है कि सुबह सबसे पहले तीन माह के बाद मंदिर के कपाट को खोला गया। उसके बाद मंदिर में देवविधान के साथ आरती की गई। देवता के पुरोहित ने नर्गिस के फूलों और पांजा के पत्तों से बने विशेष चैंसर को शिवलिंग पर चढ़ाया। मंदिर में कुल्लू के दूरदराज के गांवों के लोगों के अलावा अन्य जिलों के भक्त भी पहुंचे। देवलू श्याम शर्मा, महेश, मनोज शर्मा, चुनी लाल ने कहा कि मंदिर में सुबह ही भक्त भारी तादाद में पहुंचे। देवता के कारदार अमर नाथ नेगी ने कहा कि इस साल मंदिर में गत वर्ष की अपेक्षा श्रद्धालुओं की अधिक संख्या रही। शिवलिंग के दर्शन कर भोले नाथ से मन्नतें भी मांगी। उधर, जुआणी महादेव न्योली में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। देवता के कारदार ओमप्रकाश ने कहा कि मंदिर में चैंसर देवविधि से चढ़ाया और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा है। थान देवता के मंदिर में भी देवता के पुजारी भोले राम भंडारी ने शिलिंग पर चैंसर को देव परंपरा अनुसार चढ़ाया।
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भुंतर शिव मंदिर में दर्शन के लिए लगीं कतारें
भुंतर (कुल्लू)। महाशिवरात्रि पर्व पर भुंतर स्थित शिव मंदिर में भक्तों की कतारें लगी रही। इस दौरान बम-बम भोले के जयकारे भी लगते रहे। शिव मंदिर के पुजारी मोहन ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था। इस दिन भगवान शिव के करोड़ों भक्त उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। महाशिवरात्रि पर शिव का पूजन एवं अभिषेक किया। शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, अबीर, गुलाल, बेर, उम्बी अर्पित किए।