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Kullu News: सब्जी का सीजन निपटते ही लौटने लगे प्रवासी
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संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में सब्जी का सीजन सिमटने से प्रवासी कामगारों का लौटना शुरू हो गया है। घाटी में 70 फीसदी से अधिक कृषि एवं बागवानी प्रवासी कामगारों पर ही निर्भर है। सीमा सड़क संगठन की सड़कों, पुलों और अन्य कार्यों का जिम्मा भी प्रवासियों पर निर्भर है। घाटी से निकलते ही गांव, गलियों में चहलकदमी थमने लगी है। अब ये कामगार अगले साल मार्च-अप्रैल में फिर आएंगे।
प्रवासी कामगार छह माह तक सीजन लगाने के बाद अब अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। लाहौल में सालभर में एक बार ही फसल सीजन रहता है। यहां आलू, मटर, सहित अन्य सब्जियों की बड़े पैमाने पर खेती होती है। नेपाल, यूपी, बिहार और झारखंड से काफी संख्या में कामगार यहां रोजगार की तलाश में आते हैं। संवाद
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में सब्जी का सीजन सिमटने से प्रवासी कामगारों का लौटना शुरू हो गया है। घाटी में 70 फीसदी से अधिक कृषि एवं बागवानी प्रवासी कामगारों पर ही निर्भर है। सीमा सड़क संगठन की सड़कों, पुलों और अन्य कार्यों का जिम्मा भी प्रवासियों पर निर्भर है। घाटी से निकलते ही गांव, गलियों में चहलकदमी थमने लगी है। अब ये कामगार अगले साल मार्च-अप्रैल में फिर आएंगे।
प्रवासी कामगार छह माह तक सीजन लगाने के बाद अब अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। लाहौल में सालभर में एक बार ही फसल सीजन रहता है। यहां आलू, मटर, सहित अन्य सब्जियों की बड़े पैमाने पर खेती होती है। नेपाल, यूपी, बिहार और झारखंड से काफी संख्या में कामगार यहां रोजगार की तलाश में आते हैं। संवाद
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