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हाइजेनिक किट पहनकर बना सकेंगे मिड-डे मील
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्रदेश समेत कुल्लू जिले के स्कूलों में अब सुरक्षा मानकों के तहत मिड-डे मील का खाना पकेगा। मिड-डे मील वर्करों को हाइजेनिक किट पहनकर ही स्कूलों में खाना पकाना होगा।
विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है। स्कूलों में विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार परोसा जाएगा। सुरक्षा मानकों का भी सख्ती से पालन किया जाएगा। बाकायदा मिड-डे मील वर्करों को किट खरीदने के लिए 900 रुपये की राशि भी विभाग ने हर एक स्कूल को जारी कर दी है। बता देें कि कोरोना के कारण मार्च 2020 से स्कूलों में मिड-डे मील के तहत खाना नहीं पकाया गया है। दो साल तक विद्यार्थियों को सूखा राशन उपलब्ध करवाया गया है। संक्रमण कम होने और स्कूल खुलने के बाद सभी कक्षाओं के नियमित रूप से लगने पर मिड-डे मील की व्यवस्था दोबारा शुरू की है, लेकिन इसमें खाना पकाने संबंधी नियमों को सख्त किया गया है। गौरतलब है स्कूल में मिड-डे मील वर्करों को नियमों का पालन करते हुए ही खाना पकाना होगा। इस दौरान हाथों में चूड़ियां, अंगुठी और बालों को ढककर रखना होगा। ऐसे में शिक्षा विभाग ने वर्करों के लिए लिए किट को अनिवार्य कर दिया है। इस किट में टोपी, मास्क, ग्लब्स, गाउन और चप्पल रहेगी, इन्हें पहनकर ही वर्करों को खाना पकाना होगा। विद्यार्थियों को संक्रमण की चपेट से बचाने के लिए भोजन भी उचित दूरी में बैठाकर ही परोसने की हर स्कूल में व्यवस्था रहेगी। विद्यार्थियों की सेहत के साथ किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।
किट खरीदने के लिए राशि जारी
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुरजीत राव ने कहा कि सभी स्कूलों को हाइजेनिक किट खरीदने के लिए राशि जारी कर दी गई है। मिड-डे मील वर्करों को किट पहनकर ही खाना पकाना होगा। इसके बारे में सभी स्कूलों के मुख्याध्यापकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी किए गए हैं। ये अपने स्कूल में मिड-डे मील संबंधी व्यवस्था देखेंगे।
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कुल्लू। प्रदेश समेत कुल्लू जिले के स्कूलों में अब सुरक्षा मानकों के तहत मिड-डे मील का खाना पकेगा। मिड-डे मील वर्करों को हाइजेनिक किट पहनकर ही स्कूलों में खाना पकाना होगा।
विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है। स्कूलों में विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार परोसा जाएगा। सुरक्षा मानकों का भी सख्ती से पालन किया जाएगा। बाकायदा मिड-डे मील वर्करों को किट खरीदने के लिए 900 रुपये की राशि भी विभाग ने हर एक स्कूल को जारी कर दी है। बता देें कि कोरोना के कारण मार्च 2020 से स्कूलों में मिड-डे मील के तहत खाना नहीं पकाया गया है। दो साल तक विद्यार्थियों को सूखा राशन उपलब्ध करवाया गया है। संक्रमण कम होने और स्कूल खुलने के बाद सभी कक्षाओं के नियमित रूप से लगने पर मिड-डे मील की व्यवस्था दोबारा शुरू की है, लेकिन इसमें खाना पकाने संबंधी नियमों को सख्त किया गया है। गौरतलब है स्कूल में मिड-डे मील वर्करों को नियमों का पालन करते हुए ही खाना पकाना होगा। इस दौरान हाथों में चूड़ियां, अंगुठी और बालों को ढककर रखना होगा। ऐसे में शिक्षा विभाग ने वर्करों के लिए लिए किट को अनिवार्य कर दिया है। इस किट में टोपी, मास्क, ग्लब्स, गाउन और चप्पल रहेगी, इन्हें पहनकर ही वर्करों को खाना पकाना होगा। विद्यार्थियों को संक्रमण की चपेट से बचाने के लिए भोजन भी उचित दूरी में बैठाकर ही परोसने की हर स्कूल में व्यवस्था रहेगी। विद्यार्थियों की सेहत के साथ किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।
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किट खरीदने के लिए राशि जारी
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुरजीत राव ने कहा कि सभी स्कूलों को हाइजेनिक किट खरीदने के लिए राशि जारी कर दी गई है। मिड-डे मील वर्करों को किट पहनकर ही खाना पकाना होगा। इसके बारे में सभी स्कूलों के मुख्याध्यापकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी किए गए हैं। ये अपने स्कूल में मिड-डे मील संबंधी व्यवस्था देखेंगे।
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