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Kullu News: होम स्टे अधिनियम-2025 को लेकर सरकार को भेजा ज्ञापन
Sat, 08 Mar 2025 10:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 08 Mar 2025 10:54 PM IST
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बिजली बिल, जीएसटी समेत कई मुद्दों पर जताया एतराज
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल-स्पीति की काजा होम स्टे एसोसिएशन ने हिमाचल होम स्टे अधिसूचना-2025 को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, एसोसिएशन ने होम स्टे पर्यटन को बढ़ावा देने के सरकार की पहल का स्वागत किया है। एसोसिएशन ने कहा कि नए प्रस्तावित नियम जनजातीय क्षेत्रों में छोटे होम स्टे ऑपरेटरों को प्रभावित करेंगे। इस संबंध सीएम को मांग पत्र भी भेजा गया है। इसमें व्यावसायिक बिजली बिल, जीएसटी आदि पर एतराज जताया गया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सोनम तरगे ने कहा कि इससे वाणिज्यिक शोषण को बढ़ावा मिलेगा। बाहर से बड़े पर्यटन संचालक हावी हो जाएंगे। स्थानीय परिवार हाशिए पर चले जाएंगे। जिनका होमस्टे आय का मुख्य स्रोत है, उनसे प्रतिस्पर्धा नहीं हो सकेगी। जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे का स्वामित्व और संचालन करने की अनुमति दी जाए। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने से अनावश्यक वित्तीय बोझ और बिलिंग संबंधी कठिनाइयां पैदा होंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे होम स्टे संचालकों के हक में उनकी मांगों को स्वीकार करेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल-स्पीति की काजा होम स्टे एसोसिएशन ने हिमाचल होम स्टे अधिसूचना-2025 को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, एसोसिएशन ने होम स्टे पर्यटन को बढ़ावा देने के सरकार की पहल का स्वागत किया है। एसोसिएशन ने कहा कि नए प्रस्तावित नियम जनजातीय क्षेत्रों में छोटे होम स्टे ऑपरेटरों को प्रभावित करेंगे। इस संबंध सीएम को मांग पत्र भी भेजा गया है। इसमें व्यावसायिक बिजली बिल, जीएसटी आदि पर एतराज जताया गया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सोनम तरगे ने कहा कि इससे वाणिज्यिक शोषण को बढ़ावा मिलेगा। बाहर से बड़े पर्यटन संचालक हावी हो जाएंगे। स्थानीय परिवार हाशिए पर चले जाएंगे। जिनका होमस्टे आय का मुख्य स्रोत है, उनसे प्रतिस्पर्धा नहीं हो सकेगी। जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे का स्वामित्व और संचालन करने की अनुमति दी जाए। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने से अनावश्यक वित्तीय बोझ और बिलिंग संबंधी कठिनाइयां पैदा होंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे होम स्टे संचालकों के हक में उनकी मांगों को स्वीकार करेगी।
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